केजरीवाल सरकार ने योजना से ज्यादा विज्ञापन पर किया खर्च: योगेंद्र यादव

नई दिल्ली ( 22 जनवरी ): स्वराज इंडिया ने शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार द्वारा किए गए लंबे चौड़े दावों की पोल खोलते हुए शनिवार को दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने छात्र ऋण योजना के लिए विज्ञापनों पर 30 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन पिछले साल दिसंबर तक मात्र तीन छात्रों को 3.15 लाख रुपये मिले। उच्च शिक्षा और कौशल गारंटी योजना दिल्ली सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम है।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा बजट को दोगुना करना भी एक ‘मिथक’ है, क्योंकि आंकड़े अलग कहानी बयां करते हैं और राष्ट्रीय राजधानी में स्कूलों और कॉलेजों की संख्या में गिरावट है, जो दिल्ली सरकार द्वारा किए गए दावों के विपरीत है।

यादव ने कहा, ‘पिछले डेढ़ वर्षों में 30 दिसंबर 2016 तक इस योजना के तहत 405 आवेदकों में से 97 छात्रों को कर्ज दिए गए।’ उन्होंने बताया, ‘इनमें से दिल्ली सरकार ने सिर्फ तीन कर्ज दिए जो कि महज 3.15 लाख रुपये है। शेष सारे कर्ज का वित्तपोषण केंद्र सरकार की योजना के जरिए किया गया।’

यादव ने कहा, ‘अपने पहले ही साल यानी 2015-16 में सरकार ने 30 लाख रपये से अधिक का विज्ञापन खर्च किया।’ यादव ने दावा किया कि सूचना आरटीआई और दिल्ली सरकार के आधिकारिक दस्तावेज के जरिए हासिल की गई। आम आदमी पार्टी ने यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया