पार्टी ने यशवंत सिन्हा को बहुत कुछ दिया, लेकिन वे कांग्रेस की भाषा बोलते रहे- बीजेपी

नई दिल्ली (21 अप्रैल): लंबे असरे से बीजेपी और पीएम मोदी से नाराज चल रहे यशवंत सिन्हा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उन्होंने राजनीति से भी संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगे. पटना में 'राष्ट्रमंच' के कार्यक्रम में उन्होंने बीजेपी और राजनीति, दोनों छोड़ने का ऐलान किया। इस मौके पर उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। वहीं यशवंत सिन्हा के पार्टी छोड़ने पर बीजेपी ने उनपर पलटवार किया है। बीजेपी ने आज कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के पार्टी छोड़ने की घोषणा से उसे हैरानी नहीं हुई। पार्टी ने कहा कि उनके बयान और लेखन से साफ हो गया था कि वह लंबे समय तक संगठन में नहीं टिकने वाले और वह कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहे थे। 

पार्टी प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यशवंत सिन्हा द्वारा दिए जा रहे बयानों को देखकर कभी लगा ही नहीं कि वे बीजेपी के सदस्य है। वे हमेशा कांग्रेस की भाषा बोलते थे। बलूनी ने कहा कि “यशवंत सिन्हा ने औपचारिक रूप से बीजेपी को आज छोड़ दिया। हालांकि, उनका ताजा दृष्टिकोण और टीवी चैनलों पर दिए हुए इंटरव्यू यह दर्शाते हैं कि वह बीजेपी सदस्य नहीं, बल्कि कांग्रेस की कठपुतली थे। ऐसे में आज उन्होंने पार्टी छोड़ दी। लेकिन वे अपने मन में पार्टी को बहुत पहले ही छोड़ चुके थे।”

आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त और विदेश जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके यशवंत सिन्हा लंबे समय से मौजूदा पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। कई मौकों पर वे खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर भी कर चुके थे। हालांकि उनके बेटे जयंत सिन्हा पीएम मोदी के कैबिनेट के सदस्य हैं।