ट्रेड वॉरः चीन की चरामराती अर्थव्यवस्था पर अमेरिका ने मारा हथौड़ा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 15 मई): बीआरआई प्रोजेक्ट के जाल में पाकिस्तान जैसे गरीब- जरूरतमंद और छोटे देशों को फंसाने की मुहिम में बुरी तरह चरमरा चुकी चीन की अर्थव्यवस्था पर का अमेरिका ने ट्रेड वॉर हथौड़ा मार दिया है। चीन चाह कर भी अमेरिका के खिलाफ कुछ भी ऐसा नहीं कर पा रहा है जिससे अमेरिका झुकने को मजबूर हो। इधर अमेरिकी प्रतिबंधों से उबरने के लिए चीन न ने निवेश के तमाम प्रयास किए, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 2004 के बाद से अपने निचले स्तर पर है।आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक चीन की विकास की गति ऐसे समय में प्रभावित हुई है, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह चीनी उत्पादों पर 25 पर्सेंट टैरिफ बढ़ाने का फैसला लिया। यही नहीं अब भी इस बात की आशंका है कि अमेरिका की ओर से चीनी उत्पादों पर टैक्स को और बढ़ाया जा सकता है।इकॉनमिस्ट के सर्वे के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से 2020 तक जीडीपी ग्रोथ को दोहरे अंकों में ले जाने का ऐलान किया था। लेकिन, अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते उसकी यह कोशिश धराशायी हो सकती है। 2019 में चीन की जीडीपी ग्रोथ 0.3 फीसदी तक कम हो सकती है। अमेरिका ने फिलहाल चीन से 200 अरब डॉलर तक के आयात पर टैरिफ में इजाफा किया है।सर्वे के मुताबिक यदि अमेरिका की ओर से चीनी उत्पादों के आयात पर टैरिफ में इजाफे के दायरे को बढ़ाया जाता है तो फिर उसकी जीडीपी ग्रोथ 0.6 पर्सेंट तक गिर सकती है। मदद के सारे रास्ते बंद होते देख चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर मनोवैज्ञानिक हमला किया है। शी जिनपिंग ने कहा है कि  इस दौर में कोई भी देश खुद को दुनिया से अलग नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में किसी एक सभ्यता की सर्वश्रेष्ठता में विश्वास करना मूर्खतापूर्ण है और कोई भी देश अलग-थलग नहीं रह सकता और न ही अपने दरवाजे पूरी दुनिया के लिए बंद कर सकता है। 

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