ब्रिक्स सम्मेलन का आगाज, ये मुद्दे होंगे खास

नई दिल्ली (4 सितंबर): चीन में सोमवार यानी आज से 9वें ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। इस साल ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी चीन कर रहा है और इसमें हिस्सा लेने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति माइकल टेमर और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकोब जूमा चीन में श्यामन शहर के इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर पहुंचे, जहां पीएम मोदी के साथ सभी नेताओं का चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने औपचारिक स्वागत किया गया। 

इस सम्मेलन में उत्तर कोरिया के हाइड्रोजन बम टेस्ट के मुद्दे के छाए रहने के आसार हैं। भारत समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों ने उत्तर कोरिया के हाइड्रोजन बम परीक्षण का कड़ा विरोध किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रविवार को चीन पहुंचे। इस सम्मेलन में भारत आतंकवाद का मुद्दा उठा सकता है। वहीं पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाने से पहले चीन ने पाकिस्तान का बचाव करते हुए कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में पाकिस्तान पर चर्चा उपयुक्त नहीं है।

बताया जा रहा है कि इस समिट में भारत गोवा शिखर सम्मेलन के मुद्दों को आगे बढ़ाएगा। वहीं आज पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। तो मंगलवार को पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग से मुलाकात करेंगे।

इसके साथ ही समिट के दौरान भारत और चीन के लिए विशेषतौर पर महत्वपूर्ण रीन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ये देश ब्रिक्स के लिए एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी बनाने पर भी चर्चा कर सकते हैं क्योंकि कुछ देश दुनिया की तीन बड़ी रेटिंग एजेंसियों पर पश्चिमी देशों का पक्ष लेने का आरोप लगा रहे हैं। 

इसके अलावा समिट में ब्रिक्स एनर्जी एजेंसी बनाने के प्रपोजल पर भी विचार किया जा सकता है जो ब्रिक्स देशों के बीच एनर्जी को लेकर सहयोग बढ़ाने पर काम करेगी। इससे पहले ब्रिक्स देशों ने 2014 में न्यू डिवेलपमेंट बैंक की स्थापना की थी। इस बैंक ने हाल ही में चीन, भारत और रूस में सस्टेनेबल डिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट के लिए 1.4 अरब डॉलर का लोन देने की घोषणा की है। 

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों को ‘ज्वलंत मुद्दों’ के समाधान में कूटनीतिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। शी ने हाल ही में भारत के साथ डोकलाम में हुए गतिरोध का सीधे उल्लेख नहीं किया, लेकिन कहा कि मुद्दों के हल का आधार ‘शांति और विकास’ होना चाहिए क्योंकि विश्व ‘संघर्ष और टकराव’ नहीं चाहता। उन्होंने कहा, ‘हम ब्रिक्स देशों को वैश्विक शांति और स्थायित्व बरकरार रखने की अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।'