BREAKING NEWS: भारत के खिलाफ ये नई साजिश रच रहा है चीन

रामपुर (31 अक्टूबर): चीन ने भारत के साथ रिश्ते खराब करने की एक बार फिर कोशिश की है। लगातार दूसरी बार चीन के राष्ट्रपति पद की कुर्सी पर बैठे शी जिनपिंग ने ऐसा बयान दिया, जिससे सीमा पर फिर से तनाव पैदा हो सकता है। जिनपिंग ने तिब्बत में रह रहे चरवाहों से अपनी बस्ती भारत-चीन सीमा के पास बसाने की अपील की है।

राष्ट्रपति पद की कुर्सी संभालते ही जिनपिंग ने फिर से सीमा विवाद को हवा देनी शुरू कर दी है। एक नई रणनीति के तहत चीन बॉर्डर पर बस्ती बसाना चाहता है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने तिब्बत में रह रहे चरवाहों से अपनी बस्ती भारत-चीन सीमा के पास बसाने और चीनी क्षेत्र की सुरक्षा करने को कहा है। चीनी राष्‍ट्रपति ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे तिब्बती इलाके के चरवाहों को चीनी राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाया है। चिनपिंग ने चरवाहों को इस बात के लिए उकसाया कि वो अरुणाचल की सीमा के पास अपना बोरिया-बिस्तर डाल दें, ताकि चीनी क्षेत्र की रक्षा हो सके।

क्षेत्र में शांति के बिना करोड़ों लोगों का जीवन भी शांतिपूर्ण नहीं हो सकता। चरवाहे सीमाई इलाके में रहना शुरू करें और अपने गृहक्षेत्र को विकसित करें। वो सीमा इलाके में 'गैलसांग' (चीनी फूल) की तरह खिल जाएं। दरअसल, तिब्बत के लुन्झे स्थित एक परिवार की दो बेटियों ने शी जिनपिंग को पत्र लिखकर अपने कस्बे की आपबीती बताई थी, जिसके जवाब में जिनपिंग ने उन्हें भारत-चीन सीमा क्षेत्र के पास बसेरा डालने को कहा। दक्षिण-पश्चिम चीन के तिब्बत में स्थित लुन्झे भारत के अरुणाचल प्रदेश के पास है, जिस पर चीन अपना दावा करता है और इसे दक्षिणी तिब्बत कहता है।

भारत से रिश्ते खराब करने के लिए चीन एक और काम करने जा रहा है। चीन ने एक बार फिर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को बचाने की पुख्ता तैयारी कर ली है। चीन अपनी ताकत का इस्तेमाल कर अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाएगा और अपने दोस्त पाकिस्तान का साथ देगा।

अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देशों ने मसूद अजहर पर बैन की मांग की है और प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन चीन पिछले कुछ समय से अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर उसे बचाने में जुटा था। बीते जनवरी में चीन ने प्रस्ताव के खिलाफ वीटो पेश किया था, बाद में इसकी समय सीमा को बढ़ाया गया। अब इसी सप्ताह गुरुवार को इस वीटो की मियाद खत्म हो रही है। अब चीन इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज करेगा, जिससे मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करवाने की भारत की कोशिशों पर पानी फिर सकता है।

मसूद अजहर भारत में कई हमले करवाने का मास्टरमाइंड है, लेकिन चीन ने पाकिस्तान से दोस्ती निभाने के लिए हमेशा आतंकवादी मसूद अजहर का बचाव किया।