रिंग में इस 'लेडी खली' ने अमेरिकी रेसलर को किया चित

नई दिल्ली(15 अक्टूबर): हरियाणा के पानीपत में हुई WWE कुश्ती  में उत्तर प्रदेश के बागपत की बहू ने अमेरिका की खिलाड़ी को हराकर जीत हासिल कर बागपत ही नहीं पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। 

- दरअसल उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के छोटे से गांव बिजवाड़ा के रहने वाले बिजेंद्र सिंह तोमर के बेटे गौरव की बहू कविता तोमर अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी है। कविता के हौंसले ने देश की झोली में अनेकों मेडल डालकर देश का नाम कई बार रोशन किया है। हरियाणा के पानीपत में 12 अक्टूबर को हुई WWE कुश्ती में भी कविता ने अपना जज्बा दिखाते हुए कई खिलाड़ियों को धूल चटाई और फाइनल में अमेरिका की जिमी को हराकर देश की झोली में सोना डाल दिया।

- कविता की जीत की ख़ुशी में बागपत के गांव बिजवाड़ा में ख़ुशी मनाई गई और कविता की ससुराल में भी ख़ुशी का माहौल है। कविता के परिजनों का कहना है कि कविता की शादी 2009 में हुई थी और उनका बेटा गौरव और कविता कुश्ती के खिलाड़ी हैं और दोनों एसएसबी में तैनात थे, लेकिन कविता ने दुनिया में भारत का नाम रोशन करने के लिए नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरा ध्यान खेलों पर लगा दिय।  

- देश की झोली में अनेकों मेडल डाल चुकी कविता अपने संस्कारो को नहीं भूलती और खेलों से लौटकर जब घर आती है तो चूल्हा, चौका संभालना आदि घरेलू सभी काम बड़ी ही निपुणता से करती है। वहीं खेलों में विदेशी खिलाड़ियों को हराने वाली कविता को लेडी खली के नाम से भी जाना जाता है। 

कविता के बेटे ने भी बांटी मिठाइयां

- कविता की फाइट के दौरान उसके ससुराल वालों ने पूरी कुश्ती को देखा तो उसके 5 साल के बेटे अभिषेक ने भी अपनी खिलाड़ी मम्मी को खेल में विपक्षी खिलाड़ियों को हराते हुए देखा और फाइनल में जितने पर उसने अपने दादा, दादी , बुआ और चचेरे भाई और पड़ोसियों को मिठाइयां खिलाई।

 ये है कविता की कामयाबी 

2006 --- आल इंडिया यूनिवर्सिटी में स्वर्ण

2007 --- नेशनल वेटलिफ्टिंग चेम्पियनशिप में स्वर्ण

2008 --- नेशनल वेटलिफ्टिंग चेम्पियनशिप  में स्वर्ण 

2010--- नेशनल वुशु चेम्पियनशिप में स्वर्ण 

2011 ---- राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण

2013 ---- नेशनल भारोत्तोलन में स्वर्ण

2014 ---- नेशनल भारोत्तोलन में स्वर्ण

2015 ---- राष्ट्रिय खेल केरल में स्वर्ण

2016 ---- सार्क गेम्स में स्वर्ण