74 साल से लापता पनडुब्बी का मलबा मिला, 71 सैनिक थे सवार

नई दिल्ली (27 मई) :  दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटेन की एक पनडुब्बी 1942 में डूब गई थी। इस पनडुब्बी पर 71 सैनिक तैनात थे। 74 साल बाद इस पनडुब्बी के मलबे को सारडिनिया के पास समुद्र में एक इतालवी गोताखोर ने ढूंढ निकाला है।

बुधवार को आईं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोताखोर मासिमो डोमेनिको बोरडोन ने एचएमएसपी 311 पनडुब्बी के मलबे को पहली बार देखा। बोरडोन ने ये मलबा टावोलारा द्वीप के पास सारडिनिया के उत्तरपूर्वी तट के पास समुद्र के 100 मीटर नीचे देखा।

एचएमएसपी 311 पनडुब्बी 28 दिसंबर 1942 को माल्टा से डेस्ट्रॉयर मिशन पर रवाना हुई थी। इसके निशाने पर ट्रिस्टी और गोरिज़िया जैसे इतालवी युद्धपोत थे। ये दोनों युद्धपोत सारडिनिया के उत्तरी तट ला मैड्डेलेना के पास लंगर डाले हुए थे।

लेकिन मिशन पर रवाना हुई ये 84 मीटर लंबी पनडुब्बी लापता हो गई। संभवत: ये पनडुब्बी इटली की नौसेना की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गई थी। इटली ने ये सुरंगे द्वीप की सुरक्षा के लिहाज़ से बिछाई थीं।  उस वक्त स्थानीय मछुआरों ने रात को बड़ा धमाका सुनाई देने की बात कही थी।

धमाके के बावजूद पनडुब्बी पूरी तरह क्षतिग्रस्त नहीं हुई और एयरटाइट रही। पनडुब्बी पर सवार सैनिकों की मौत संभवत: ऑक्सीजन नहीं मिल पाने की वजह से हुई।