योगेश्वर दत्त का बड़ा दिल, इस फैसले ने सभी को चौंकाया

नई दिल्ली (31 अगस्त): रियो ओलंपिक में भले ही पहलवान योगेश्वर दत्त शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाएं हो, लेकिन लंदन ओलंपिक में उन्हें मिलने वाला कांस्य पदक जब रजत में बदल गया है। हालांकि योगेश्वर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह रजत पदक लेने से मना कर दिया है।

योगेश्वर के इस कदम की देश के अलावा दुनियाभर में सराहना हो रही है। दरअसल, लंदन ओलंपिक में रूसी पहलवान बेसिक कुदुखोव ने योगेश्वर दत्त को हराकर सिल्वर मेडल जीता था। इसी बीच बेसिक कुदुखोव की मौत भी गई। अब चार साल बाद आई रिपोर्ट में बेसिक कुदुखोव डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं, जिससे योगेश्वर के कांस्य पदक को रजत पदक में बदला जाना है।

योगेश्वर ने ट्वीट करके कहा है, बेसिक कुदुखोव शानदार पहलवान थे। उनकी मौत के बाद डोप टेस्ट में फेल हो जाना दुखद है। मैं खिलाड़ी के रूप में उनका सम्मान करता हूं। अगर हो सके तो ये मेडल उन्हीं के पास रहने दिया जाए। उनके परिवार के लिए भी सम्मानपूर्ण होगा। मेरे लिए मानवीय संवेदना सर्वोपरि है।

कौन थे बेसिक कुदुखोव: चार बार वर्ल्ड चैंपियन रहे रूसी पहलवान बेसिक कुदुखोव की मौत 2013 में एक कार एक्सीडेंट में हुई थी। हालांकि इसी महीने रियो ओलंपिक से पहले अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी ने उनके सैंपल का दोबारा टेस्ट कराया था। नियम है कि किसी भी एथलीट के सैंपल का दोबारा से टेस्ट किया जा सकता है। वर्तमान में 10 साल तक के लिए सैंपल को रखा जाता है।