पहलवान सुशील को 15 साल बाद मिला इंसाफ !

नई दिल्ली (4 सितंबर):  डोपिंग के संदेह में एक गलतफहमी के चलते 2002 में 14 वें एशियाई खेलों में भाग लेने से रोक दिए गए पहलवान सतीश कुमार को आखिर न्याय मिल गया है और दिल्ली की एक अदालत ने 15 साल पुराने मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ को निर्देश दिया है कि वो पहलवान सतीश को 25 लाख रुपए का मुआवजा दे।

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने पहलवान सतीश को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के लिए पाजीटिव समझकर गलती से 2002 में 14वें एशियाई खेलों में भाग लेने से रोक दिया था। दिल्ली की एक अदालत ने 15 साल पुराने इस मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ को पहलवान सतीश को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। 

भारतीय कुश्ती महासंघ को मुआवजा देने का निर्देश देते हुए अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह से खेल को नहीं समझने वाले अधिकारियों की अगुवाई वाला महासंघ खिलाड़ियों से बर्ताव करता है, उससे स्पष्ट होता है कि भारत वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने में क्यों जूझ रहा है।