छुक-छुक करता पटरियों पर फिर से दौड़ेगा दुनिया का सबसे पुराना स्टीम इंजिन

नई दिल्ली (11 फरवरी): दुनिया के सबसे पुराने स्टीम इंजन फेयरी क्वीन का फिर सफर शुरू होने जा रहा है। इस बार यह सफर कामर्शियल होगा। इस कामर्शियल ट्रिप में पैसेंजरों को दिल्ली छावनी से रेवाड़ी तक ले जाएगा और वापस लाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा टिकट भी हैं और पहले ट्रिप के लिए कुछ सीटें बुक भी हो चुकी हैं। अब रेलवे की प्लानिंग है कि इसके दो ट्रिप और ऑर्गनाइज किए जाएंगे।

1855 में इस इंजन का निर्माण किया गया था। भाप से चलने वाला विश्व का यह सबसे पुराना इंजन माना जाता है, जो अभी भी चालू हालत में है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि लगभग पांच साल पहले भी इस इंजन के कुछ ट्रिप चलाए गए थे। अब फिर से इसे चालू किया जा रहा है। इस इंजन के साथ दो बोगी जोड़ी जा रही हैं, जिनमें 60 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

रेलवे का कहना है कि फेयरी क्वीन इंजन के साथ दो बोगी लगाकर इसका अगला ट्रिप 11 मार्च को और तीसरा ट्रिप 8 अप्रैल को ऑर्गनाइज किया जाएगा। इसके तहत यह ट्रेन दिल्ली कैंट से सुबह 10.30 बजे रवाना होगी और एक बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। वापसी में सवा चार बजे रेवाड़ी से रवाना होने के बाद यह ट्रेन शाम सवा छह बजे दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस इंजन की देखरेख रेवाड़ी स्थित इंजन शेड में की जा रही है।