वैज्ञानिकों का दावा, 4000 डिग्री तापमान में भी नहीं पिघलेगा यह पदार्थ

नई दिल्ली ( 25 दिसंबर ): वैज्ञानिकों ने एक खास उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने एक ऐसे पदार्त कि खोज की है जो सबसे ज्यादा ताप सह सकता है। तकरीबन 4000 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी नहीं पिघलने वाले इस पदार्थ की मदद से सर्वाधिक तेज गति से चलने वाले अंतरिक्ष यान बनाना संभव हो सकता है।

इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने इस विलक्षण पदार्थ की खोज की है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, टेंटेलम कार्बाइड और हाफनियम कार्बाइड बहुत उच्च तापमान सहने में सक्षम होते हैं। इनमें हाफनियम कार्बाइड अब तक ज्ञात सर्वाधिक ताप सहने वाला पदार्थ है।

प्रयोग के दौरान वैज्ञानिकों ने खास लेजर के जरिये इन दोनों पदार्थों का गलनांक जांचा। गलनांक वह तापमान होता है, जिस पर कोई पदार्थ पिघल जाता है। शोध में पाया गया कि टेंटेलम कार्बाइड और हाफनियम कार्बाइड को संयुक्त रूप से मिलाने पर इनका गलनांक 3,905 डिग्री सेल्सियस है।

वहीं अकेले टेंटेलम कार्बाइड का गलनांक 3,768 डिग्री सेल्सियस और हाफनियम कार्बाइड का तापमान 3,958 डिग्री सेल्सियस पाया गया। कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर उमर सेडिलस बराजा ने कहा, "हाइपरसोनिक गति से अंतरिक्ष यान जब वायुमंडल में प्रवेश करता है, तब बहुत अधिक तापमान पैदा होता है। अब तक इन दोनों पदार्थों का इस्तेमाल अंतरिक्ष यानों में नहीं किया जा रहा है। हमारी खोज से इस दिशा में आगे बढ़ना संभव होगा।"