दुनिया के सबसे बड़े एयरशिप ने भरी पहली उड़ान

नई दिल्ली(18 अगस्त): दुनिया के सबसे बड़े प्लेन माने जा रहे और हीलियम से चलने वाले एयरलैंडर 10 ने आखिरकार अपनी पहली उड़ान भरी। 4 दिन पहले टेक्निकल खराबी के चलते उड़ान रद्द करनी पड़ी थी। एयरलैंडर को एयरशिप भी कहा जा रहा है। इसने सेंट्रल इंग्लैंड के कार्डिंग्टन एयरफील्ड से उड़ान भरी। इससे पहले 86 साल पहले एक एयरशिप ने उड़ान भरी थी। लेकिन फ्रांस में ये क्रैश हो गया, जिसमें 48 लोगों की मौत हो गई थी। 

- एयरलैंडर को यूएस आर्मी के लिए सर्विलांस (निगरानी) करने के लिए बनाया गया। इसे हाइब्रिड एयर व्हीकल्स (HAV) ने तैयार किया है। 

- 92 मीटर लंबे इस एयरक्राफ्ट को कार्गो प्लेन की तरह भी यूज करने की बात कही जा रही है। 

- HAV ने एयरलैंडर को मौजूदा एयरक्राफ्ट्स में सबसे बड़ा बताया है। ब्रिटिश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 37 लाख डॉलर की मदद दी है।

1930 में हुआ था हादसा

- इससे पहले कार्डिंग्टन एयरफील्ड से 'R101' एयरशिप ने अक्टूबर, 1930 में उड़ान भरी थी। लेकिन फ्रांस में ये क्रैश हो गया था और 48 लोगों की मौत हो गई थी।

- इस हादसे बाद एयरशिप का डेवलपमेंट बंद कर दिया गया था।

क्या है एयरलैंडर?

- एचए‌वी के मुताबिक, एयरलैंडर 148 kmph की स्पीड से 4880 मीटर (6 हजार फीट) की ऊंचाई पर उड़ सकता है।

- इसमें हीलियम भरी गई है। अनमैन्ड होने की स्थिति में ये 2 हफ्ते और मैन्ड होने पर 5 दिन हवा में रह सकता है।

- एचएवी के सीईओ स्टीफन मैक्ग्लेन के मुताबिक, "ये एयरक्राफ्ट हेलिकॉप्टर टेक्नोलॉजी की तुलना में ज्यादा सस्ता और एन्वायरन्मेंट फ्रेंडली है।"

- "इसे आप ब्रिटेन का बड़ा इनोवेशन भी कह सकते हैं। एक तरह से ये एयरक्राफ्ट्स का कॉम्बिनेशन है।"