43% पाकिस्तानी इमरान खान को सत्ता से बाहर करने पर खुश नहीं थे, सर्वे में सामने आईं ये बड़ी बातें

खान की पार्टी ने दावा किया कि इमरान खान बुधवार को पेशावर में 'जलसा' का आयोजन करेंगे, जबकि 21 अप्रैल को लाहौर में एक सार्वजनिक रैली में कुछ बड़ा होने की योजना बनाई जा रही है। सत्ता से बेदखल होने से पहले भी इमरान खान जल्दी चुनाव कराने का दबाव बना रहे थे और आज के जलसा को पहले चुनाव अभियान के तौर पर देखा जा रहा है।

43% पाकिस्तानी इमरान खान को सत्ता से बाहर करने पर खुश नहीं थे, सर्वे में सामने आईं ये बड़ी बातें
x

इस्लामाबाद: गैलप पाकिस्तान के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि 43% लोग इमरान खान को सत्ता से बाहर करने से खुश नहीं थे, जबकि बाकी 57% लोग खुश थे कि खान को सरकार से बाहर होना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार रात विश्वास मत के तुरंत बाद 100 से अधिक जिलों में 1,000 पुरुषों और महिलाओं पर सर्वेक्षण किया गया था। सर्वे में जो लोग इमरान खान को हटाए जाने से नाखुश थे, वे अभी भी खान को एक ईमानदार राजनेता मानते हैं, जबकि खान के खिलाफ जो भी गुस्सा था, वो ज्यादातर विफल अर्थव्यवस्था के आधार पर था।


खान की पार्टी ने दावा किया कि इमरान खान बुधवार को पेशावर में 'जलसा' का आयोजन करेंगे, जबकि 21 अप्रैल को लाहौर में एक सार्वजनिक रैली में कुछ बड़ा होने की योजना बनाई जा रही है। सत्ता से बेदखल होने से पहले भी इमरान खान जल्दी चुनाव कराने का दबाव बना रहे थे और आज के जलसा को पहले चुनाव अभियान के तौर पर देखा जा रहा है।




और पढ़िए -  अमेरिका में क्यों हो रहे हैं सिखों पर हमले? 10 दिन के भीतर दूसरी घटना, डंडे से पीटा, पगड़ी उतारी




पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के खिलाफ ऑनलाइन अभियान चलाने के आरोप में इमरान खान की पार्टी के आठ सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। संघीय जांच एजेंसी के अनुसार, उन्हें खुफिया एजेंसियों से सेना प्रमुख और शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान में शामिल 50 संदिग्धों की सूची मिली और उनमें से आठ को हिरासत में ले लिया गया है।


बता दें कि इमरान खान और सेना का पक्ष अब जुदा हो गया है और यह आरोप लगाया गया है कि वह जनरल बाजवा को उनके पद से हटाना चाहते थे। पाकिस्तान की सेना ने आधिकारिक तौर पर इमरान बनाम विपक्षी उथल-पुथल से खुद को दूर कर लिया है। इमरान खान के जाने के बाद सेना ने यह कहा। कहा कि पाकिस्तानी सेना सरकारी संस्थाओं की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रही है और बिना किसी समझौते के खड़ी भी रहेगी।


जनरल बाजवा ने एक कार्यक्रम में कहा, 'पाकिस्तानी सेना अपनी जिम्मेदारियों से अवगत है और सभी परिस्थितियों में सभी आंतरिक और बाहरी खतरों के खिलाफ पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना जारी रखेगी।'





और पढ़िए -  दुनिया से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें









Click Here - News 24 APP अभी download करें


Next Story