अमेरिका के इस कदम को इजरायल ने कहा, 'घिनौना', 'शर्मनाक'

नई दिल्ली ( 25 दिसंबर ): इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इजरायल विरोधी एक प्रस्ताव को पारित होने देने के लिए अमेरिका की कड़ी आलोचना की है। UNSC के इस प्रस्ताव में वेस्ट बैंक और पूर्वी जेरुसलम में इजरायल की बस्ती के निर्माण की निंदा की गई थी। ओबामा प्रशासन पर इस प्रस्ताव को पारित होने से रोकने के लिए काफी दबाव था। बावजूद इसके अमेरिका वोटिंग से दूर रहा और प्रस्ताव पारित होने दिया। इजरायल ने उसके इस कदम को 'घिनौना' और 'शर्मनाक' बताया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, 'संयुक्त राष्ट्र में इजरायल विरोधी प्रस्ताव को इजरायल स्पष्ट रूप से खारिज करता है। वह इसके मुताबिक नहीं चलेगा।' PMO ने कहा, 'सीरिया के नरसंहार को रोकने के लिए सुरक्षा परिषद कुछ नहीं करती, लेकिन वह मिडल ईस्ट के एकमात्र लोकतांत्रिक देश इजरायल को अलग कर रही है। ओबामा प्रशासन ना सिर्फ इजरायलल को संयुक्त राष्ट्र के इस उत्पीड़न से बचाने में असफल रहा बल्कि ऐसा करने में उसका (संयुक्त राष्ट्र) साथ दिया।'

इजरायल के PMO ने कहा कि इस्राइल इस बेतुके प्रस्ताव से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिका के होने वाले राष्ट्रपति डॉनल्ट ट्रंप के साथ काम करने को लेकर विचार कर रहा था। इस बयान पर ट्रंप ने तुरंत ट्वीट कर कहा, 'जहां तक संयुक्त राष्ट्र की बात है, 20 जनवरी के बाद हालात अलग होंगे।' ट्रंप का इशारा था कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद इजरायल और अमेरिका के रणनीतिक संबंध सामान्य रूप से चलेंगे।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने न्यूज़ीलैंड और सेनिगॉल के राजदूतों को विचार-विमर्श करने के लिए वापस बुला लिया है। ये दोनों देश शुक्रवार को हुई वोटिंग में भाग लेने वाले देशों में शामिल थे। PMO ने बताया कि अगले महीने होने वाले सेनिगॉल के विदेश मंत्री का दौरा रद्द कर दिया जाएगा और वहां जारी तमाम सहायक प्रॉजेक्ट पर रोक लगाई जाएगी।