इन 10 देशों की यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ना है सबसे महंगा

नई दिल्ली (25 जनवरी): दुनिया भर के छात्रों के लिए हायर एजुकेशन के लिए दूसरे देशों में जाना एक ख्वाब रहता है। लेकिन अच्छे अवसरों की तलाश में विदेशी यूनिवर्सिटीज़ में दाखिला लेना काफी महंगा साबित होता है। विदेश में पढ़ाई की फीस के अलावा वहां रहना काफी खर्चीला होता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं, 10 ऐसे देशों के बारे में जहां यूनिवर्सिटी एजुकेशन दुनिया में सबसे ज्यादा महंगी है।

आइए जानते हैं, यूनिवर्सिटी एजुकेशन के मामले में कौन से देश हैं सबसे महंगे-

1. अमेरिका

इस सूची में सबसे महंगा देश है अमेरिका। यहां आपको एक अंतर्राष्ट्रीय छात्र के तौर पर औसत ट्यूशन फीस के लिए हर साल 61,157 डॉलर खर्च करने होते हैं। इसके अलावा किताबों और दूसरे रहने के खर्चों को मिलाकर खर्चे की रकम काफी ज्यादा हो जाती है। इसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए, कि दुनिया में अंडरग्रैजुएट डिग्री प्रोग्राम्स के लिए सबसे ज्यादा ट्यूशन फीस लेने वाला कोई देश है तो वह है अमेरिका। अमेरिकी छात्रों को यूनिवर्सिटी एजुकेशन के लिए हर साल औसत 31,231 डॉलर खर्च करने होते हैं। अगर आपको ये ज्यादा लगता है तो आपको बता दें, कि हार्वर्ड जैसे आईवी लीग स्कूल्स हर साल 53,000 डॉलर से भी ज्यादा फीस लेते हैं।

2. इटली

यहां भी गैर-इटैलियन छात्रों से ज्यादा फीस ली जाती है। यहां पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों से ट्यूशन फीस के तौर पर हर अकैडमिक ईयर में 25,390 डॉलर लिए जाते हैं। हालांकि, आप इटली में सार्वजनिक यूनिवर्सिटीस में काफी कम में पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन प्राइवेट संस्थानों में औसत खर्चा 16,419 डॉलर तक आता है। इटली के छात्रों को सरकार कई तरह से आर्थिक विकल्प देकर मदद करती है। जिससे उनकी पढ़ाई का खर्चा निकल सके।

3. ऑस्ट्रेलिया

यहां डिग्री लेने के लिए आने के लिए आपको हर साल इंटरनेशनल स्टूडेंट के तौर पर आपको 41,152 डॉलर तक खर्च करने होते हैं। लगातार बढ़ती ट्यूशन फीस की वजह से ऑस्ट्रेलिया को यूनिवर्सिटी एजुकेशन के लिए तीसरे सबसे ज्यादा महंगे देश के नाते जाना जाता है। ऑस्ट्रेलियाई लोगों को एजुकेशनल बजट की योजना बनाने के दौरान ऑस्ट्रेलियन्स को अंडरग्रैजुएट प्रोग्राम्स के लिए औसत 11,735 डॉलर खर्च करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

4. दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय स्टूडेंट के लिए फीस साधारण तौर पर सालाना 38,569 डॉलर देने होते हैं। हालांकि, यह एक बड़ी रकम होती है। गैर-दक्षिण कोरियाई नागरिक भी स्कॉलरशिप्स के लिए कैंडिडेट बन सकते हैं। जो उनकी ट्यूशन फीस और दूसरे एजुकेशनल कॉस्ट्स को 30-100 फीसदी तक कम कर सकता है। औसत ट्यूशन फीस 9,383 डॉलर कर होने के साथ दक्षिण कोरिया इस सूची में चौथे स्थान पर है। हालांकि, उदार स्कॉलरशिप्स प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। जिससे पोस्ट सैकेंड्री एकेडिमिक कैरियर्स के लिए छात्रों को मदद मिल सके।

5. यूनाइटेड किंगडम (यूके)

यूके की युनिवर्सिटीस में स्थान पाने की चाहत रखने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को सालाना 31,682 डॉलर्स खर्च करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यहां लंदन और ऑक्सफोर्ड जैसे शहरों में रहने का खर्चा काफी हो जाता है, जो कि विदेशी छात्रों में काफी लोकप्रिय हैं। यूके के कुछ छात्र दूसरे यूरोपीय देशों में पढ़ाई के लिए जाते हैं। जिससे वे कम खर्चे में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें। साधारण तौर पर सालाना ट्यूशन रेट्स औसत 9,041 डॉलर आती हैं। ज्यादातर छात्र ऐसा करना सेंसिबल मानते हैं कि कम खर्चे में या कुछ मामलों में मुफ्त में डिग्री पाने के लिए बाहर जाया जाए।  

6. सिंगापुर

सिंगापुर में पढ़ाई करना अंतर्राष्ट्रीय छात्र के लिए सस्ता नहीं बैठता। आप अनुमान लगा सकते हैं कि सिंगापुर के एक छात्र की तुलना में आपको 5 गुना ज्यादा खर्चा करना होता है। जो आपको करीब 38,181 डॉलर तक पड़ता है। यह अंडरग्रैजुएट यूनिवर्सिटी प्रोग्राम में दाखिला लेने पर एक साल का खर्चा है। सिंगापुर इस सूची में छठे स्थान पर आता है। आपको हैरानी होगी यहां अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए साधारण दर 7,016 डॉलर है। यह उस तथ्य को ध्यान में रखते हुए काफी ज्यादा है कि इस देश के नागरिक विकसित देशों की तुलना में सबसे कम औसत आमदनी करते हैं। 

7. जापान

जापानी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए जापान में एक इंटरनेशनल स्टूडेंट को हर साल औसत 7,020 डॉलर खर्च करने होते हैं। कई छात्र जो यूनिवर्सिटी के लिए जापान आते हैं, उन्हें जापानी सरकार वित्तीय मदद करती है। जिससे उनकी ज्यादातर ट्यूशन फीस निकल आती है। जापान की यूनिवर्सिटीस में पढ़ाई करने के लिए जापानी नागरिक होने पर केवल 6,500 डॉलर खर्च करने होते हैं। क्योंकि औसत यूनिवर्सिटी में चार साल में पढ़ाई पूरी होती है। इसका मतलब है, आपको अंडरग्रैजुएट डिग्री के लिए करीब 26,000 डॉलर खर्च करने होंगे। जो सरकारी मदद की अपेक्षा से भी ज्यादा है।

8. यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई)

यहां भी विदेशी छात्रों के लिए पोस्ट सैकेंड्री शिक्षा का खर्चा काफी ज्यादा है। ट्यूशन के लिए एक छात्र को औसत करीब 28,598 डॉलर देने होते हैं। इसके साथ दुबई जैसे शहर में रहना काफी महंगा है। इस वजह से छात्रों पर कर्जा भी काफी बढ़ा जाता है। इसके अलावा, औसत तौर पर जो लोग यूएई में ही रहते हैं उन्हें यूनिवर्सिटी फीस के लिए करीब 6,000 डॉलर चुकाने होते हैं। जैसा कि दूसरे देशों में भी है यहां पर भी विभिन्न प्रोग्राम्स में पढ़ाई करने के लिए अलग खर्चा होता है। इसके अलावा निजी और सरकारी संस्थान में पढ़ाई करने से भी खर्चा अलग रहता है।

9. कनाडा

कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को अंडरग्रैजुएट एजुकेशन के लिए कनाडाई समकक्षों की तुलना में काफी ज्यादा खर्चा करना होता है। सालाना ट्यूशन रेट्स 29,150 डॉलर पड़ता है। कनाडाई छात्रों को सालाना औसत 5,959 डॉलर खर्च करने होते हैं। हालांकि, यह महंगा मालूम होता है, लेकिन सरकारी फंडिंग से मिलने वाले पैसे औऱ स्कॉलरशिप्स की मदद से यह खर्चा निकल कम हो जाता है।

10. चीन

कोई भी छात्र जो चीनी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना चाहता है, उन्हें हैरानी होगी कि यहां ट्यूशन फीस 4,000 डॉलर ही आती है। इसके अलावा, चीनी सरकार कई पूरी या आंशिक स्कॉलरशिप्स भी देती है। वे विदेशी छात्रों के भी अपने स्कूलों में दाखिले को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। चीनी छात्र जिन्हें टर्शियरी एजुकेशन के लिए जहां 3,300 डॉलर सालाना खर्च करने होते हैं। यह आंकड़ा प्राइवेट संस्थानों का है।