दुनिया के सबसे ऊंचे गांव कोमिक में सूखा, पानी का संकट

नई दिल्ली ( 1 अगस्त ): हिमाचल प्रदेश में दुनिया के सबसे ऊंचे गांव कोमिक पानी का संकट पैदा हो गया है। यहां लोग आजीविका के लिए मटर और जौ की खेती करते हैं, लेकिन झरने, नदियां और तालाब सूखने की वजह से फसलों के लिए उन्हें पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। 

बता दें कि 15050 फीट की ऊंचाई पर स्थित कोमिक दुनिया का सबसे ऊंचा ऐसा गांव है, जहां सड़क भी है। यहां 130 लोग रहते हैं। वहीं स्पीति घाटी में करीब 12 हजार लोग रहते हैं।

32 साल के नावांग फुनचोक ने मीडिया से कहा, "हम लोग ऐसे वीरान और बीहड़ इलाके में रहने के आदि हैं। जिंदगी जीने के लिए हमारे पारंपरिक तरीके हैं। लेकिन, आजकल पानी वैसे नहीं मिल रहा है, जैसे पहले कभी मिला करता था। मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब पहले के मुकाबले पानी कम मिलता है।"
-फुनचोक गांव के मैदान में सूखी घास के बंडल बना रहे थे ताकि लोकल मॉनेस्ट्री की छत को उससे ढंका जा सके।

पर्यावरणविदों के मुताबिक इंडिया के मैदानी इलाकों में जहां पॉपुलेशन बहुत ज्यादा है, वहां फोकस हो रहा है। लेकिन, दूरदराज के हिमालयन इलाकों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केवल हिमालयन बेल्ट में फूड, वाटर और एनर्जी सिक्युटिरी की जरूरत नहीं है। पूरे एशिया में करीब एक अरब लोगों को भी है, जो गंगा, यांगते और मेकॉन्ग जैसी नदियों पर निर्भर हैं। ये नदियां ग्लेशियर्स पर निर्भर हैं, जिन पर संकट मंडरा रहा है।