150 करोड़ पर जानलेवा खतरा, लू से जाएगी जान

नई दिल्ली (3 अगस्त): भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत पूरे दक्षिण एशियाई देशों पर भयंकर गर्मी का खतरा मंडरा रही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस शताब्दी के अंत तक इन देशों को भयंकर गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी गर्मी जिसको सहन करना आम इंसान के बस में नहीं होगा। हाल में हुए एक रिसर्च के मुताबिक अगर ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाने वाले उत्सर्जन में कमी नहीं आई तो साल 2100 तक भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बड़े हिस्से में तापमान जीवन को खतरे में डालने के स्तर तक पहुंच जाएगा।

रिसर्च करने वाले मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि खतरनाक उमस भरी गर्म हवाओं के घेरे में 30 फीसद तक आबादी आ सकती है। दक्षिण एशिया में दुनिया की कुल आबादी के 20 फीसद लोग रहते हैं। रिसर्च में कहा गया है कि अगर उत्सर्जन की दर ज्यादा रही तो वेट बल्ब तापमान गंगा नदी घाटी, उत्तर पूर्व भारत, बांग्लादेश, चीन के पूर्वी तट, उत्तरी श्रीलंका और पाकिस्तान की सिंधु घाटी समेत दक्षिण एशिया के ज्यादातर हिस्से में 35 डिग्री सेंटीग्रेट के करीब पहुंच जाएगा।

मैसेचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर एलफेथ एल्ताहिर ने बताया कि सिंधु और गंगा नदियों की घाटियों में पानी है। खेती भी वहीं होती है। वहीं आबादी भी तेजी से बढ़ी है। उनका कहना है कि हमारे नक्शे से जाहिर होता है कि किन जगहों पर अधिकतम तापमान है। ये वही जगहें हैं जहां अपेक्षाकृत गरीब लोग रहते हैं जिन्हें खेती का काम करना होता है और वो उसी जगह हैं जहां खतरा सबसे ज्यादा है।