साल 2018 दुनिया के लिए खतरनाक, इन ताकतवर देशों में होगा भयंकर टकराव!

नई दिल्ली(18 जनवरी): साल 2018 में पूरी दुनिया में पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर खतरे काफी बढ़ जाएंगे। यह कहना है विश्व आर्थिक मंच का। 

- उसने कहा कि ऐसा इसलिए हो सकता है, क्योंकि ज्यादातर हितधारकों और महाशक्तियों के बीच राजनीतिक और आर्थिक टकराव होंगे।

- विश्व आर्थिक मंच ने अपने ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट में कई देशों के बीच विवादित मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि चीन की क्षेत्रीय और समुद्री कार्यक्रम की जिद और वन बेल्ट वन रोड के विस्तार की पहल पर पड़ोसी ताकतों ने तीव्र प्रतिक्रिया की है। चीन के संदर्भ में जापान और भारत आपस में आर्थिक और सैन्य मामलों में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं।

- यह मुहिम तब और महत्वपूर्ण हो जाएगी यदि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूरोपीय देश इसमें हिस्सा लेंगे। हालांकि ज्यादातर देश अभी सतर्क हैं और चीन की नीति से उपजे तनाव पर सावधानी भरा रुख अपना रहे हैं। 

- सर्वे में कहा गया है कि हालांकि दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा खतरा कुल मिलाकर रोजगार, सत्ता और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में होगा। 

- जेनेवा स्थित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की दावोस में अगले हफ्ते होने वाली सालाना बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित 70 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष हिस्सा लेंगे। सर्वे में दुनिया भर में पर्यावरण संबंधी खतरे को सबसे ऊपर रखा गया है।