INDvNZ: चौथे नंबर पर बैटिंग करने क्यों नहीं आए धोनी? सहवाग ने उठाया सवाल

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जुलाई): भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेंदर सहवाग ने भारत की हार के बाद कहा है कि पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को छठे नंबर के बजाय चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारना चाहिए था। न्यूज़ीलैंड से भारतीय टीम हार के बाद विरेंद्र सहवाग ने एक टीवी न्यूज़ चैनल से यह बात कही है। धोनी ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपनी पारी में धीमा खेलते हुए 72 गेंदों में 50 रन बनाए। 

वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में भारतीय टीम को न्यूज़ीलैंड ने 18 रन से हरा दिया है। इस मैच में न्यूज़ीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को 239 रनों का स्कोर दिया था। मंगलवार को बारिश के कारण यह मैच पहली पारी के बीच में ही रोक दिया गया। बुधवार को न्यूज़लैंड ने 46.1 ओवर से दोबारा अपनी पारी की शुरुआत की. 211 से अपनी पारी आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने आखिरी ओवर तक 239 रन बनाए। 

भारतीय पारी की शुरुआत से पहले सभी को यह लक्ष्य मामूली सा नज़र आ रहा था। बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के तीन शीर्ष क्रम के बल्लेबाज केएल राहुल, रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली न्यूज़ीलैंड के गेंदबाजों के सामने लड़खड़ा गए और सिर्फ 5 रन पर ही आउट हो गए। भारतीय टीम के लिए ये मैच का सबसे बड़ा झटका था. एक तरह से कहें तो भारतीय टीम की हार की नींव इन तीनों बल्लेबाजों के आउट होते ही पड़ गई थी। 

इन तीनों के बाद पर आए दिनेश कार्तिक भी 6 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए। वहीं चौथे नंबर पर उतरे ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या धीरे-धीरे ही सही मैच में भारत की वापसी की उम्मीदें वापस लाते हुए दिखे लेकिन 32 रन बनाकर पंत सैंटनर की गेंद पर अपना विकेट दे बैठे। सहवाग ने कहा कि अगर इस जगह पर पंत की जगह धोनी उतरे होते तो भारत मैच में बने रहने की स्थिति में आखिर तक होता। वहीं पंत के आउट होने के कुछ ही देर बाद हार्दिक पंड्या भी 32 रन बनाकर पेवेलियन वापस लौट गए। 

वहीं सातवें नंबर पर उतरे धोनी ने काफी धीमा खेलते हुए 72 गेंदों में किसी तरह 50 रन पूरे किये। पंड्या के आउट होने के बाद खेलने आए रविंद्र जडेजा ने अपनी पारी से भारतीय फैंस की उम्मीदों को एक बार फिर ज़िंदा कर दिया। रविंद्र जडेजा ने 77 रनों की पारी खेली। धोनी और जडेजा की साझेदारी भी काफी अच्छी रही। लेकिन पहले जडेजा और फिर धोनी के आउट होने से भारतीय टीम का सपना भी टूट गया।