World Cup: हैट्रिक पर बोले मोहम्मद शमी, 'माही भाई' ने दी थी ये खास सलाह

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 जून): वर्ल्ड कप में भारत और अफगानिस्तान के बीच कल खेले गए मैच में मोहम्मद शमी ने आखिरी ओवर में हैट्रिक लेकर भारत को रोमांचक जीत दिला दी। शमी वर्ल्ड कप में हैटट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बन गए। इससे पहले चेतन शर्मा ने 1987 में न्यू जीलैंड के खिलाफ नागपुर में तिकड़ी ली थी। यह विश्व कप में 10वीं हैटट्रिक थी। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 224 रन बनाए जवाब में अफगानिस्तान की टीम 213 रनों पर ऑल आउट हो गई।

40 रन देकर चार विकेट लेने वाले शमी ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, 'मेरा प्लान सिंपल था। मैं यॉर्कर फेंकना चाहता था। यहां तक कि इसके बाद माही भाई ने भी मुझे यही करने को कहा। उन्होंने कहा, 'अब कुछ बदलने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब तुम्हारे पास हैटट्रिक लेने का शानदार मौका है। यह एक दुर्लभ अवसर है, तुम्हें यही करने की जरूरत है। तो मैंने वही किया जो मुझे करने को कहा गया।' बता दें कि भुवनेश्वर कुमार की चोट के कारण शमी को अंतिम एकादश में मौका मिला और बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने इसे खूब भुनाया। उन्होने कहा, 'मुझे किस्मत से अंतिम 11 में मौका मिला। मुझे जब भी मौका मिलता मैं उसके लिए तैयार था। मुझे इसका फायदा उठाना ही था। जहां तक हैटट्रिक की बात है तो यह किस्मत की बात है, खास तौर पर वर्ल्ड कप में। मैं हैटट्रिक लेकर काफी खुश हूं।'

शमी ने कहा कि आखिरी ओवर में सोचने के लिए ज्यादा वक्त नहीं होता। मेरा लक्ष्य सिर्फ योजना का क्रियान्वयन करना था। उन्होंने कहा, 'आपके पास सोचने का ज्यादा वक्त नहीं होता। आपको अपने हुनर पर भरोसा करना होता है और विकल्प आपके पास नहीं होता। अगर आप ज्यादा वैरिएशन ट्राय करते हो तो रन बन सकते हैं। मैं बल्लेबाज के दिमाग को पढ़ने के बजाय अपने प्लान के हिसाब से काम करना चाहता था।'

भारतीय तेज गेंदबाजों मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह को जल्द ही यह अहसास हो गया था कि अफगानिस्तान के खिलाफ शॉर्ट पिच गेंदबाजी कारगर साबित हो सकती है और उन्होंने इसका पूरा फायदा भी उठाया। इस पर शमी ने कहा, 'हम फुल लेंथ बोलिंग नहीं करना चाहते थे क्योंकि यह बैटपर अच्छी तरह आ रही थी। हमें पता था कि वे (अफगानिस्तान) शॉर्ट पिच बोलिंग के खिलाफ सहज नहीं होंगे। हमारी योजना साफ थी हम बाउंसर फेंकना चाहते थे।' ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने हाफ सेंचुरी बनाकर भारतीय खेमे में एक बार हलचल जरूर पैदा की। शमी ने कहा कि ऐसे वक्त पर जरूरी था कि उनकी टीम हौसला न हारे।

टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा, 'यह जीत काफी अहम है। हमने टॉस जीता और फिर बल्‍लेबाजी चुनी। इसके बाद पता लगा कि विकेट धीमा हो गया है। हमें लगा कि इस पिच पर 260 से 270 रन का स्‍कोर अच्‍छा रहेगा। एक समय ऐसा आया जब हमें एक टीम के रूप में अपनी क्षमता पर थोड़ा संदेह हुआ, लेकिन ड्रेसिंग रूम में आत्‍मविश्‍वास था कि हम जरूर जीतेंगे।' मैच के बाद भारतीय कप्‍तान विराट कोहली ने कहा कि यह यादगार जीत है। उन्होंने कहा, 'जब मैं क्रीज पर पहुंचा तो पिच की गति को समझ गया। आड़े बल्‍ले से शॉट नहीं खेलने थे। कई बार आड़े बल्‍ले से शॉट खेलना हमें भारी पड़ा। आप विरोधी टीम से मैच दूर नहीं ले जा सकते। आपको गेंद को इधर-उधर भेजना होता है और फिर तीन बेहतर स्पिनरों के सामने यह हमेशा मुश्किल होता है।'