विवादों में धोनी का रन आउट, अंपायर के गलत फैसले से आउट हुए धोनी ?

dhoni run out

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जुलाई): आईसीसी विश्व कप 2019 में खिताब की प्रबल दावेदार टीम इंडिया को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा।  इस हार के साथ ही भारत का विश्व कप 2019 का सफर भी खत्म हो गया। दो दिन तक चले इस रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 18 रनों से हारा दिया। रवींद्र जडेजा (77) और महेंद्र सिंह धौनी (50) ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों के आउट होने के बाद भारत की सभी उम्मीदें खत्म हो गई। इस मैच में एक समय भारत ने 92 रन देकर 6 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद एमएस धोनी और जडेजा ने मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और टीम इंडिया को मैच में वापस ला दिया। हालांकि, 48वें ओवर में जडेजा 77 रन पर आउट हो गए। इसके तुरंत बाद धोनी भी 50 के स्कोर रनआउट होकर पवेलियन लौट गए।DHONI

मगर धोनी के आउट होने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसके मुताबिक कहा जा रहा है कि जिस गेंद पर एमएस आउट हुए, उस वक्त अंपायरों से बड़ी गलती हुई थी। मार्टिन गप्टिल के एक सीधे थ्रो ने धोनी को रन आउट कर दिया। हालांकि, टि्वटर पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने उस गेंद पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर धोनी रन आउट हुए। मैच को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग भारत की हार के लिए अंपायर के गलत फैसले को जिम्मेदार बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर कह जा रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी जिस गेंद पर रन आउट हुए थे उसे उसे नो बॉल दिया जाना चाहिए था। 

ट्विटर यूजर्स का कहना है कि अंपायर ने धोनी के रन आउट के फैसले में पावर प्ले के दौरान फील्डिंग के नियमों को नजरअंदाज किया। लोगों का कहना है कि तीसरे पावर प्ले में तीस गज के दायरे के बाहर अधिकतकम 5 खिलाड़ी ही बाहर रह सकते हैं, लेकिन धोनी के रन आउट के वक्त 6 खिलाड़ी सर्कल से बाहर थे।

नियमों के अनुसार अंतिम पावरप्ले में 5 फील्डर 30 गज के दायरे से बाहर खड़े हो सकते हैं, लेकिन इस गेंद के फेंके जाने से पहले जो ग्राफिक दिखाया गया उसके अनुसार उस समय न्यूजीलैंड के छह खिलाड़ी दायरे से बाहर खड़े थे। यहां यह याद रखना चाहिए कि यदि यह नो बॉल होती तब भी धोनी रन आउट हो सकते थे, क्योंकि नो बॉल पर बल्लेबाज रन आउट हो सकता है।  नियम के अनुसार, जितने खिलाड़ी 30 गज के घेरे में होने चाहिए, उससे कम या ज्यादा होने पर नो बॉल करार दी जाती है। नो बॉल रहने पर रन आउट के अलावा किसी और तरीके से बल्लेबाज आउट नहीं हो सकता। यानी अंपायर ने नो बॉल दी होती, तो भी धोनी रन आउट होते।

आपको बात दें कि लीग मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाली टीम इंडिया के इस हार से भारत ही नहीं दूनिया भर के क्रिकेट प्रेमी मायूस है। न्यूजीलैंड ने भारत के सामने निर्धारित 50 ओवरों में 239 रन का लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में टीम इंडिया 49.3 ओवर में 221 रन पर सिमट गई। इस मुकाबले में भारतीय शीर्षक्रम ने बेहद घटिया शुरुआत की लेकिन बाद भारत ने वापसी की कोशिश की, पर आखिरी ओवरों में टीम फिर बिखर गई।

 

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धोनी और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने 7वें विकेट के लिए अच्छी साझेदारी की। भारत ने अपने छह विकेट महज 92 रनों पर ही खो दिए थे। लेकिन जडेजा और धोनी ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर एक बार फिर से उम्मीद जगा दी थी। तभी न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने 208 के कुल स्कोर पर जडेजा को कप्तान केन विलियम्सन के हाथों कैच आउट करवा दिया। जडेजा ने 59 गेंदों पर चार चौके और चार छक्के की मदद से 77 रन बनाए। आखिरी दो ओवरों में भारत को जीत के लिए 31 रनों की जरूरत थी। धोनी ने पहली गेंद पर छक्का मारा। लेकिन दूसरी गेंद पर उन्होंने दो रन की कोशिश में वो 50 रन बनाकर रन आउट हो गए। इसी के साथ भारत की उम्मीदें खत्म हो गई। धोनी के बाद बैटिंग करने आए गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड के लॉकी फर्ग्यूशन शून्य पर आउट कर दिया। जेम्स नीशम ने युजवेंद्र चहल को 5 रन पर आउट कर दिया। इस जीत के साथ लगातार दूसरी बार न्यूजीलैंड की टीम वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया।