#WorldCultureFestival: 'हमने उपनिषद से उपग्रह तक की यात्रा की है' :PM मोदी

नई दिल्ली (11 मार्च): राजधानी दिल्ली में बारिश से प्रभावित होने के बाद भी यमुना के तट पर 'वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल' का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस मौके पर देश और दुनिया के तमाम सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नेता एक ही मंच पर इकट्ठे हुए हैं। यह भव्य कार्यक्रम आध्यात्म गुरु श्री श्री रविशंकर के 'आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन' के सौजन्य से किया जा रहा है।

PM मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में शामिल हुए दुनिया भर से आए मेहमानों का स्वागत किया। साथ ही संस्कृति के महोत्सव के आयोजन के महत्व पर अपने विचार रखे। 'आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन' के गुरु श्रीश्री रविशंकर की इस पहल की उन्होंने खुले तौर पर तारीफ की। उनके भाषण के कुछ अंश ये हैं-  

'जीवन जीने की कला में खरोंच आती है तो उसे सुधारने की जरूरत'

'हमने उपनिषद से उपग्रह तक की यात्रा की है'

'हम वो लोग हैं जो अहं ब्रह्मास्मि से वसुधैव की यात्रा करने वाले लोग हैं'

'स्व से समष्टि की यात्रा करते हैं तो आर्ट ऑफ लिविंग चाहिए'

'जब संकटों से जूझते हैं तो आर्ट ऑफ लिविंग चाहिए'

'जब कला के द्वारा किसी देश को देखा जाता है, तो इस देश की अंतर्भूत ताकत को पहचाना जाता है'

'आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम से भारत की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई है।'

'दुनिया भर से आए लोगों का स्वागत'

1008 वादकों के ढंगरी ढोलवादन के साथ हुई कार्यक्रम की भव्य शुरुआत

'वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल' की शुरुआत 1008 वादकों के ढंगरी ढोलवादन के साथ हुई। आर्ट ऑफ लिविंग के विश्व सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए पीएम मोदी भी शामिल हुए। राजधानी में यमुना किनारे बस चुके इस शहर की रौनक अगले 3 दिन तक रहेगी। बता दें कि दिल्ली पुलिस की ओर से आयोजन में आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन भी किया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

श्री श्री रविशंकर का उद्बोधन

कार्यक्रम में आए लोगों का स्वागत खुद श्रीश्री रविशंकर ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में आई बाधाओं के बाद भी सफल आयोजन पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ''किसी भी महान काम में विघ्न आते हैं, पर अंत में परिणाम मधुर होता है।"

श्रीश्री के भाषण के अंश

'वसुधैव कुटुम्बकम का सपना साकार हो गया है'

'विभिन्न धर्मों, राष्ट्र आदि की पहचानों से ऊपर उठने के लिए है ये आयोजन' 

'जो भीतर है वही बाहर है, ये आध्यात्म की लहर है।'

'आप जितना प्यार समाज को देते हो उतना आपके पास सौ गुना लौट कर आता है।'

'समष्टि को अपने आप में समेटने की कला है आध्यात्म'

'इस आध्यात्म की लहर को पूरी दुनिया में चलाया है।'

'महान काम में विघ्न आते हैं, पर अंत में परिणाम मधुर होता है'

'पूरे विश्व के अन्य देशों के साथ पाकिस्तान से भी लोग आए हैं, ये समाज को एक संदेश हैं'

श्री श्री ने किया PM का स्वागत

कार्यक्रम में मौजूद दुनिया भर के नेतागण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री, हरियाणा 

एच एच शेख मोहम्मद बिन हमद अल शर्की, क्राउन प्रिंस, अल फुजरियाह

एचई शेख नाहयन बिन मबारक अल नाहयन, UAE

UAE से आए गणमान्य नेता

कमल थापा, उप-प्रधानमंत्री, नेपाल

एच ई डॉमिनीक डी विलीपिन, पूर्व प्रधानमंत्री, फ्रांस

सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 'वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल' का उद्घाटन

इस कार्यक्रम में करीब 35 हजार कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। वहीं 35 लाख दर्शकों के आने की संभावना है।

हजारों की संख्या में आयोजन में मौजूद लोग

कहा जा रहा है कि ये दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इससे पहले इतना बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम आज तक कभी नहीं हुआ। 155 देशों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। 

ग्रैमी अवार्ड नॉमिनी चंद्रिका टंडन ने किया मंगलवंदन

8500 संगीतकारों के सामूहिक वादन की झलकियां

1700 कलाकारों का भरतनाट्यम

500 लैटिन अमेरिकी कलाकारों ने दी प्रस्तुति

पैट्रिकिया सोसा, गायक, अर्जेंटीना