रेलवे पर खर्च होगा 5 लाख करोड़, बन रहा है ये प्लान

नई दिल्ली (19 जुलाई): भारतीय रेलवे का बड़े स्तर पर कायाकल्प करने की तैयारी है। विश्व बैंक रेलवे में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। रेलवे को उम्मीद है कि विश्व बैंक के इस निवेश का इस्तेमाल उन डिपार्टमेंट में किया जाएगा, जहां पर इनकी ज्यादा जरुरत है। विश्व बैंक से मदद मिलने के बाद रेलवे के कई विभाग का स्वरुप और काम करने का तरीका बदल जाएगा। 

विश्व बैंक ने कहा कि वो रेलवे को इन्वेस्टमेंट की प्लानिंग, डिजिटाइजेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट करने के लिए पैसा देगा। इसके साथ ही विश्व बैंक रेलवे यूनिवर्सिटी और रेल टैरिफ अथॉरिटी का गठन करने में मदद मिलेगी। 

यह पहली बार नहीं है कि जब विश्व बैंक रेलवे में निवेश कर रहा है। इससे पहले विश्व बैंक ने रेलवे के ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बनाने में मदद की थी। अब बैंक 2 से 3 सालों के लिए रेलवे को एडवाययजरी देगा। 

विश्व बैंक पहले ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर की फाइनेंसिंग के लिए रेलवे के साथ काम कर चुका है। वह 2-3 साल तक चलने वाले इस बदलाव अभियान के लिए अडवाइजरी सर्विसेज और प्रोग्राम मैनेजमेंट कंसल्टेंसी मुहैया कराएगा। रेलवे के एक बड़े अधिकारी ने बताया, 'हमें अपनी क्षमता तैयार करने और प्रॉजेक्ट्स पर मिशन मोड में काम करने के लिए इसकी जरूरत थी।