विश्व चैंपियनशिप: सिंधु का पांचवां मेडल पक्का, 36 साल बाद पुरुष एकल में प्रणीत ने रचा इतिहास

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 अगस्त): 36 साल के बाद वर्ल्ड बैडमिंनटन चैंपियनशिप के पुरुष एकल में भारत की झोली में मेडल आया है। प्रकाश पादुकोण ने 36 साल पहले 1983 में ब्रॉन्ज पदक जीता था। साई प्रणीत ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना लिया है। पुरुष एकल के क्वॉर्टर फाइनल में टूर्नमेंट में 16वीं वरीयता प्राप्त प्रणीत ने चौथे वरीय क्रिस्टी के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया और लगातार गेमों में 24-22, 21-14 से मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। उन्होंने 51 मिनट में यह मुकाबला जीता। इस साल अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुने गए प्रणीत 36 साल में वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बनेंगे। उनसे पहले दिग्गज प्रकाश पादुकोण ने 1983 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

सेमीफाइनल में प्रणीत के सामने मौजूदा चैम्पियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जापान के केंटो मोमोटा की चुनौती होगी, जिनके खिलाफ वर्ल्ड नंबर-19 प्रणीत का 2-3 का करियर रिकॉर्ड है। इसके पहले रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु ने ताइ जु यिंग को कड़े मुकाबले में 12-21, 23-21, 21-19 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ दुनिया की 5वें नंबर की खिलाड़ी सिंधु ने टूर्नमेंट का अपना पांचवां मेडल भी पक्का कर किया। वह इससे पहले दो बार सिल्वर और दो बार ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। सिंधु का वर्ल्ड चैंपियनशिप में लगातार तीसरा मेडल होगा।

इस प्रतिष्ठित टूर्नमेंट के पिछले दो आयोजनों में सिल्वर मेडल जीतने वालीं सिंधु को पहले गेम में 12-21 से हार मिली। भारतीय शटलर ने वापसी की और दूसरा और तीसरा गेम जीतते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया। 24 साल की सिंधु फाइनल में जगह पक्की करने के लिए चीन की चेन यू फेइ और डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट के बीच होने वाले एक अन्य क्वॉर्टर फाइनल की विजेता से भिड़ेंगी।