BREAKING: इतिहास रचने से चूकीं सिंधु, रजत पदक पर किया कब्जा


नई दिल्ली (27 अगस्त): भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने इतिहास रचने से चुक गईं हैं। ग्लासगो में खेले गए वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के रोमांचक फाइनल में सिंधु जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा से हार गई है। इसके साथ ही सिंधु को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा है। जापान की खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा 19-21, 22-20, 20-22 से महिला वर्ल्ड बैडमिंटन खिताब अपने नाम किया।

इससे पहले महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में सिंधु ने चीन की खिलाड़ी चेन युफेई को सीधे गेमों में 21-13, 21-10 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी। सिंधु ने विश्व चैंपियनशिप में अबतक 2 बार कांस्य पदक जीता है। 2013 में ग्वांगझोउ और 2014 में कोपेनहेगन में आयोजित हुए इस चैंपियनशिप में सिंधु को तीसरा स्थान हासिल हुआ था। 

सिंधु भारत की दूसरी खिलाड़ी हैं जो वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में फाइनल में पहुंची हैं। इससे पहले जकार्ता में साइना नेहवाल फाइनल खेल चुकी हैं। 2016 के रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर सिन्धु ने इतिहास रच दिया था। सिंधु ओलंपिक्स में भारत की तरफ से बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली महिला बनी थी।

सिंधु का अबतक का सफर...
- अंडर-10 इयर केटेगरी में सिन्धु में पाँचवी सर्वो ऑल इंडिया रैंकिंग चैंपियनशिप युगल केटेगरी में जीती थी 
- अंडर-13 इयर केटेगरी में सिन्धु में पांडिचेरी की सब-जूनियर चैंपियनशिप में सिंगल का टाइटल जीता। 
- सिन्धु ने कृष्णा खेतान ऑल इंडिया टूर्नामेंट, ऑल इंडिया रैंकिंग, सब-जूनियर नेशनल और पुणे में ऑल इंडिया रैंकिंग के कई टाइटल्स भी जीते। 
- भारत में सिन्धु ने 51 वे नेशनल स्कूल गेम्स में अंडर-14 केटेगरी में गोल्ड मेडल भी जीता था।
- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सिन्धु ने 2009 में कोलंबो में सब-जूनियर एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल भी जीता था। 
- 2010 ईरान फजर इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज में सिन्धु ने सिंगल केटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।
- 2010 में मेक्सिको में जूनियर वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिन्धु क्वार्टरफाइनल तक पहुची थी।