सास को भी ऑफिस ला सकेंगी कामकाजी महिलाएं

नई दिल्ली (8 मार्च): भारत में अधिकांश कामकाजी महिलाएं शादी के बाद घर बैठ जाती हैं। बची-कुछी प्रेगनेंसी के दौरान या बच्चों को जन्म देने के बाद नौकरी से इस्तीफा देकर घर बैठ जाती हैं। इसलिए अब भारत की कई कंपनियां महिलाओं को कंपनी में बनाए रखने के लिए कंपनियां तमाम तरह के प्रयासों में जुटी हैं। भारत में कई दिग्गज कंपनियां वर्किंग महिलाओं को ऑफिस में सास को साथ लोने, बिजनस ट्रिप पर बच्चों को साथ ले जाने और लंबी मैटरनिटी लीव जैसी सुविधाएं देने पर विचार कर रही हैं।

इसके अलावा सब्सिडी पर डे केयर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विचार चल रहा है। खासतौर पर मल्टीनैशनल कंपनियां और टेक फर्म इन प्रस्तावों पर विचार कर रही हैं। इसके अलावा भारत सरकार भी महिलाओं की पेड मैटरनिटी लीव साढ़े छह महीने तक करने की तैयारी में है। यह दुनिया में सबसे लंबी मैटरनिटी लीव में से एक होगी। ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन एंड डेवलपपमेंट के मुताबिक यह ट्रेंड अमेरिका में भी देखने को मिल रहा है,लेकिन दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार भारत में यह दर सबसे अधिक है।