कोर्ट में असिस्टेंट कमिश्नर ने कहा- नास्तिक हूं, नहीं लूंगा गीता की शपथ

मुंबई (21 अप्रैल): मैं गीता पर हाथ रखकर शपथ लेता हूं कि जो कहूंगा, सच कहूंगा, सच के सिवा कुछ न कहूंगा। ये डायलॉग आपने फिल्मों में कई बार सुना होगा। लेकिन क्या आपने सुना है कि कोर्ट में पेश हुए एक शख़्स ने ये कहकर शपथ लेने से इनकार कर दिया कि वो नास्तिक है और वो गीता पर नहीं बल्कि भारत के संविधान पर हाथ रखकर शपथ लेने के लिए तैयार है।

असल ज़िंदगी में ठाणे की महानगर पालिका में असिस्टेंट कमिश्नर सुनील भालेराव ने गीता पर हाथ रख कर कसम खाने से इनकार कर दिया। सुनील भालेराव ने कहा है कि वो नास्तिक हैं। ईश्वर में विश्वास नहीं रखते इसलिए वो गीता की कसम नहीं खाएंगे। उनका विश्वास भारत के संविधान में है। वो संविधान की कसम खाने के लिए तैयार हैं।

भिवंडी कोर्ट के न्यायाधीश डी.पी. काले ने उस समय उनके इस अनुरोध को खारिज करते हुए उनकी गवाही लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने यही मांग रखते हुए भिवंडी कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे रद्द कर दिया गया। असिस्टेंट कमिश्नर भालेराव ने अब बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 10 जून को सुनवाई होगी।

सुनील भालेराव ने कहा कि देश में हज़ारों जातियां और कई धर्म हैं। क्या सभी को इसकी इजाज़त दी जा सकती है और जो नास्तिक है वो किसी धर्म ग्रंथ पर हाथ रखकर शपथ क्यों ले।

ये मामला 2 साल पुराना है। 2 साल पुराने एक मामले में गीता की शपथ नहीं लेने पर गवाही न दे पाने के चलते सुनील भालेराव ने ये याचिका दायर की है। अब इस मामले में 10 जून को सुनवाई होनी है। ये शायद देश में अपनी तरह का इकलौता मामला है। ऐसे में सभी की निगाहें 10 जून को होने वाली अदालती कार्यवाही पर टिकी हुई हैं और इस मामले से देश में एक नई बहस भी छिड़ सकती है।