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दूसरे विश्व युद्ध की महिला पायलट का 96 साल की उम्र नें निधन

दूसरे विश्व युद्ध में मिलिट्री प्लेन उड़ाने वालीं महिलाओं के पहले ग्रुप की एक सदस्य का निधन हो गया। कोलोराडो स्प्रिंग्स की मिलिसेंट यंग विमन्स एयरफोर्स सर्विस पायलट्स की सदस्य थीं। उनके बेटे बिल यंग ने द गैजेट को बताया कि पिछले हफ्ते शनिवार को लंबे समय से चली आरही फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के चलते उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी उम्र 96 वर्ष थी।

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 जनवरी): दूसरे विश्व युद्ध में मिलिट्री प्लेन उड़ाने वालीं महिलाओं के पहले ग्रुप की एक सदस्य का निधन हो गया। कोलोराडो स्प्रिंग्स की मिलिसेंट यंग विमन्स एयरफोर्स सर्विस पायलट्स की सदस्य थीं। उनके बेटे बिल यंग ने द गैजेट को बताया कि पिछले हफ्ते शनिवार को लंबे समय से चली आरही फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के चलते उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी उम्र 96 वर्ष थी।  

विमन्स एयरफोर्स सर्विस पायलट्स ने विदेशों में मेल पायलट्स को छुड़ाने के लिए बम और दूसरे युद्धवाहक उड़ाए थे। यह सेवाएं उन्होंने सिविलियन कर्मचारियों के तौर पर की थी लेकिन 1977 में उन्हें सेवानिवृत्त सैनिक का दर्जा दिया गया।

बिल यंग ने कहा कि इस काम के लिए करीब 1,000 महिलाओं को चुना गया था। ऐसा माना जाता है कि इनमें से करीब 30 अभी भी जिंदा हैं। बिल ने इस प्रोग्राम के बारे में एक किताब लिखी है। उन्होंने कहा, 'इन लोगों ने महिलाओं के लिए कई दरवाजे खोले।'

मिलिसेंट यंग के परिवार के मुताबिक, 6 साल की उम्र से ही वह प्लेन उड़ाने के सपने देखा करतीं थीं। उस समय उनके खेत में एक पायलट ने प्लेन लैंड किया और उनसे कहा था, 'छोटी बच्ची, प्लेन को छूना मत।' पड़ोसियों से किराए पर ली गई जमीन पर गेहूं की खेती करके कमाए गए पैसों से उन्होंने नेब्रास्का के ऑगालाला में मौजूद एक एयरशिप में प्लेन उड़ाना सीखा।

2010 में उन्होंने द स्पोक्समैन-रिव्यू को बताया था कि 10 साल की उम्र में ही वह ट्रक और कार चला लेतीं थीं। उन्हें कभी भी इस बात को लेकर संदेह नहीं था कि वह विमन्स एयरफोर्स सर्विस पायलट्स ग्रुप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाएंगी। टेक्सस के स्वीटवाटर में फीमेल-ओनली एयरबेस में उन्होंने एक साल गुजारा।

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