शनि शिंगणापुर मंदिर जाने वाली महिलाओं को पुलिस ने 75 किमी पहले रोका

नई दिल्ली (26 जनवरी): महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में पूजा को लेकर महाभारत छिड़ी हुई है। भूमाता ब्रिगेड से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं मंदिर में पूजा करने पर अड़ी हुई हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि महिलाएं पूजा नहीं कर सकती। क्योंकि ये चार सौ साल पुरानी परंपरा है। वहीं भूमाता ब्रिगेड का कहना है कि वो इस परंपरा को बदल कर रहेंगी।

खास बात ये है कि गांव के लोग भी शनि मंदिर में महिलाओं के पूजा पाठ करने का विरोध कर रहे हैं। गांववालों ने मंदिर के चारों तरफ घेरा बना लिया है, ताकि भूमाता ब्रिगेड अंदर न दाखिल हो सके। यह स्थान मंदिर से 75 किमी दूर है। यहां पर सभी महिलाओं को रोक लिया गया है।

भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई का कहना है कि शनिशिंगणापुर तो सिर्फ शुरुआत है। उनका मकसद देश के उस हर मंदिर में पूजा करना है जिसमें महिलाओं को पूजा करने पर पाबंदी है। भूमाता ब्रिगेड के तेवरों से साफ है कि वो रुकने वाली नहीं है। लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो उनकी इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।

क्या है विवाद मंदिर में शनि महाराज की शिला खुले में रखी गई है। वहां दूर से दर्शन होते हैं। चबूतरे के पास तक सिर्फ पुरुष जा सकते हैं। लेकिन दो महीने पहले एक महिला 400 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए शनि की मूर्ति तक पहुंच गई थी। इसके बाद से विवाद चल रहा है। मंदिर में महिलाओं की रोक को लेकर मंदिर प्रशासन और महिला संगठन आमने सामने हैं। विवाद का ये मुद्दा महाराष्ट्र विधानसभा में भी गूंज चुका है।