हाजी अली दरगाह में जा सकेंगी महिलाएं

नई दिल्ली ( 24 अक्टूबर ) : सुप्रीम कोर्ट में आज मुंबई की हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने कहा है कि वह बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए महिलाओं को भी दरगाह के अंदरूनी हिस्से में प्रवेश देने की इजाजत देंगे। इसके बाद कोर्ट ने ट्रस्ट को चार सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने इस मामले के निपटारे के साथ यह भी सुनिश्चित कर दिया कि यदि किसी को इसमें कोई भी शिकायत है तो वह बॉम्बे हाईकोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र है। मामले की सुनवाई के दौरान दरगाह की ओर से बताया गया कि ट्रस्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने को लेकर प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत महिलाओं को दो सप्ताह के अंदर प्रवेश देने की इजाजत दे दी जाएगी। इसके लिए रूपरेखा भी तैयार की गई है।

हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने हाजी अली दरगाह ट्रस्ट को राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर रोक बढ़ा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि था अगर दरगाह के एक बिंदु तक पुरुषों को जाने की इजाजत है और महिलाओं को नहीं तो ये दिक्कत की बात है।

गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 26 अगस्त को 2015 को महिलाओं के जाने पर लगी पाबंदी को असंवैधानिक बताते हुए हटा दिया था और राज्य सरकार से दरगाह जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने को कहा था। 2011 तक महिलाओं के प्रवेश पर यहां कोई पांबदी नहीं थी लेकिन 2012 में दरगाह मैनेजमेंट मे यह कहते हुए महिलाओं की एंट्री पर रोक लगा दी थी कि शरिया कानून के मुताबिक, महिलाओं का कब्रों पर जाना गैर-इस्लामी है।