देश की शान हैं ये 5 महिला क्रिकेटर

नई दिल्ली (14 नवंबर): क्रिकेट के खेल में देश का नाम रोशन करने में महिलाएं क्रिकेटर भी पीछे नहीं हैं। भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सफर तय किया था और रनर अप रही थी। फाइनल में टीम इंडिया को मेजबान इंग्लैंड से 9 रनों से करीबी हार का सामना करना पड़ा था, भले ही विमेंस टीम खिताब से चूक गई हो, लेकिन उन्होंने देश का नाम जरुर रोशन किया है।

आज विमेंस क्रिकेटर देशभर में लाखों लड़कियों कि प्रेरणा बन चुकी हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको 5 ऐसी विमेंस क्रिकेटरों के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रौशन किया और लाखों लड़कियों की प्रेरणा का स्त्रोत बनी।

1. मिताली राज विमेंस क्रिकेट को आगे ले जाने में मिताली राज का काफी योगदान रहा है। भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम को 2 बार आईसीसी वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाने वाली कोई और नहीं बल्कि मिताली राज है। मिताली की कप्तानी में ही भारतीय विमेंस टीम ने 2005 में पहली बार आईसीसी विमेंस वर्ल्ड कप में जगह बनाई थी। उन्हीं की कप्तानी में टीम ने दूसरी बार इसी साल एक बार फिर वर्ल्ड कप फाइनल में खेला।

2. हरमनप्रीत कौर वीरेंदर सहवाग को अपना आदर्श मानने वाली हरमनप्रीत कौर आज भारतीय क्रिकेट में जाना-पहचाना नाम है। विमेंस वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 171 रनों की शानदार पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी ने हरमनप्रीत कौर को एक पहचान दिलाई है। यूं तो वह पंजाब के मोगा की रहने वाली हैं, लेकिन फिलहाल वह मुंबई में रह रही हैं।

3.  झूलन गोस्वामी भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ी दिग्गज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने हाल ही में संपन्न हुए आईसीसी विमेंस वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। 5 फुट 11 इंच लंबी झूलन के तेज गेंदबाज बनने की कहानी दिलचस्‍प है। बचपन में वे पड़ोस के लड़कों के साथ क्रिकेट खेला करती थीं. उस समय बेहद धीमी गेंदबाजी करने के कारण झूलन का मजाक बनाया जाता था। इससे उन्हें गेंदबाज बनने की प्रेरणा मिली. उन्‍होंने तेज गेंदबाजी में हाथ आजमाया और जल्‍द ही अपनी गेंदों की गति से लड़कों को भी चौंकने पर मजबूर करने लगीं।

4. स्मृति मंधाना भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम की सदस्य और वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन वाली बल्लेबाज स्मृति मंधाना की पूरे देश में तारीफ हो रही है। साल 2013 में वेस्ट जोन अंडर- 19 टूर्नामेंट में स्मृति ने वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाकर सनसनी मचाई थी। स्मृति ने 150 बॉल पर 224 रन बनाए थे।

5. वेदा कृष्णमूर्ति

वेदा कृष्णमूर्ति ने वर्ल्डकप टूर्नामेंट में भले ही कम रन बनाए है लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ 15 जुलाई को खेले गए अहम मुकाबले में वेदा ने महज 45 गेंदों में 70 रन की पारी सभी को याद है। वेदा कृष्णमूर्ति छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरती हैं ऐसे में उनके पास स्थिति को समझने के लिए ज्यादा गेंदें खराब करने का मौका भी नहीं रहता। वह निचले क्रम में टीम का अहम हिस्सा हैं।