जिठानी से हुई जलन तो देवरानी ने नवजात भतीजे को तीसरी मंजिल से फेंका

नई दिल्ली (6 सितंबर): उत्तर प्रदेश में कानपुर के एक निजी अस्पताल में एक महिला ने अपनी जेठानी के नवजात बच्चे को अस्पताल की तीसरी मंजिल से इसलिए फेंक दिया कि उसके यहां बेटा पैदा नहीं हुआ। तीसरी मंजिल से फेंके जाने के बावजूद बच्चा बच गया लेकिन महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। 

- मन्नापुरवा, कन्नौज निवासी सर्वेश की पत्नी रमना ने 18 दिन पहले बेटे को जन्म दिया था।

- परिजनों ने बच्चे का नाम अनमोल रखा था।

- जिठानी को बेटा पैदा होने की खुशी परिवार में थी लेकिन सर्वेश की भाभी सरिता को जलन हो रही थी क्योंकि उसके यहां बेटा नहीं था और तीन बेटी ही हैं।

- अनमोल के बीमार होने पर परिजन 31 अगस्त को उसे कानपुर के कल्याणपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।

सोमवार सुबह बच्चा गायब देखकर चाची सरिता ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि उसका भतीजा गायब हो गया है।

- उसने बच्चा चोरी होने का आरोप लगा हंगामा कर दिया।

- अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो तडक़े पौने चार बजे चोरी करने का आरोप लगाने वाली ही बच्चे को बेड से ले जाती दिखाई दी।

- सरिता बच्चे को छत की तरफ ले जाती दिखी और फुटेज से साफ हो गया कि बच्चे को वही छत पर लेकर गई थी।

- अस्पताल कर्मियों ने पीछे झांक कर देखा तो बच्चा मकान में बंधे लोहे के जाल पर पड़ा दिखाई दिया।

- बच्चे को बगैर समय गंवाए वहां से उठाकर अस्पताल लाया गया।

- ऊपर से फेंकने और दो घंटे पड़े रहने के बावजूद बच्चा  बच गया।

- अस्पताल प्रशासन ने बच्चे की चाची सरिता के खिलाफ कल्याणपुर थाने में तहरीर दी है।

- पुलिस महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सरिता ने कहा कि उसके तीन बेटियां हैं और बेटा न होने पर वह दु:खी थी।

- जेठानी को बेटा पैदा हुआ तो उसको जलन होने लगी।

- इसी कारण उसने बच्चे की हत्या के इरादे से उसे अस्पताल की तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया।