OMG! दो जून की रोटी के लिए कोख का 'सौदा'

अंशुल राघव, अलीगढ़ (6 अगस्त): अलीगढ़ में एक महिला दो जून की रोटी के लिए मजबूरी में कोख में पल रहे बच्चे को बेचना चाहती है। शौहर मजदूरी करता है और महीनों गायब रहता है। मकान मालिक ने किराया नहीं चुकाने पर सामान कब्जे में लेकर महिला को घर से निकाल दिया। अब वह बहन के यहां रहकर खाना खा रही है। 

- प्रशासन मांगने पर करेगा उसकी मदद। - देहलीगेट थाना क्षेत्र के महफूज नगर गोश्त वाली गली निवासी अख्तर हुसैन के यहां उसकी साली रिजवाना उर्फ सोनी (27) अपनी पौने दो साल की बच्ची के साथ रहती है। - रिजवाना की शादी तीन साल पूर्व बली मौहम्मद निवासी ऊपरकोट के साथ हुई, पति बली मौहम्मद मजदूरी करता है। - चार चार महीने घर नहीं आता, घर आने पर वह रिजवाना के साथ मारपीट करता था। - रिजवाना कुछ समय से नीवरी मोड़ स्थित भूरा के मकान में किराये पर रहती थी। - लेकिन 15 दिन पूर्व मकान मालिक ने ढाई हजार रूपये किराया नहीं चुकाने पर रिजवाना का सामान कब्जे मे लेकर उसे घर से निकाल दिया। - आठ माह के गर्भ से रिजवाना अपने बहन बहनोई के घर आकर रहने लगी। - वह उसे खाना खिला रहे थे, वह भी कब तक उसकी मदद करते, सभी की सलाह पर रिजवाना कोख में पल रहे बच्चे को मजबूरी में बेचना चाहती है। - कोई उसकी मदद नहीं कर रहा, सरकार से भी मदद चाहते हैं। - अलीगढ़ के सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया, "एक महिला द्वारा अपनी कोख में पल रहे बच्चे को बेचने का मामला प्रशासन के सामने आया, प्रशासन उसकी हर मदद करने को तैयार है। उसकी ओर से कोई मदद के लिए आवेदन करेगा तो उसकी मदद की जायेगी। "