फेसबुक पर बयां की गैंग रेप की दर्द भरी कहानी, वायरल हुई पोस्ट

नई दिल्ली ( 3 नवंबर ) : जानी मानी डबिंग आर्टिस्ट भाग्यलक्ष्मी ने अपने फेसबुक पेज पर एक महिला के साथ दो साल पहले हुए गैंगरेप की दर्दनाक कहानी शेयर की है। देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और मुख्यमंत्री के ऑफिस ने इसमें दखल देते हुए, कार्रवाई का भरोसा दिलाया। भाग्यलक्ष्मी के मुताबिक, थ्रिसुर की रहने वाली एक महिला तीन हफ्ते पहले अपने पति के सात उनके घर आई थी जो अपने साथ हुई रेप की घटना के बारे में बात करना चाहती थी। महिला के साथ यह भयानक घटना दो साल पहले हुई थी जिसमें एक स्थानीय नेता समेत चार लोग शामिल थे, वे सभी महिला के पति के दोस्त थे।

पीड़ित महिला इतनी बुरी तरह टूट चुकी थी कि पुलिस के पास जाकर शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। किसी तरह तीन महीने बाद जब वह पुलिस के पास गई तो उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। भाग्यलक्ष्मी ने फेसबुक पोस्ट में उस महिला के हवाले से बताया, 'पुलिस के सवालों का जवाब देना मेरे लिए मानसिक बलात्कार होने जैसा था। शायद उन्होंने मानसिक तौर पर मुझे इसलिए प्रताड़ित किया क्योंकि वे जानते थे कि मेरे पास कोई सबूत नहीं है। अच्छा हुआ कि निर्भया, जिशा और सौम्या जैसी बलात्कार पीड़ित लड़कियों की मौत हो गई वरना उन्हें भी ऐसी मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ता।

पोस्ट के वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री के दफ्तर ने इसका संज्ञान लिया और भाग्यलक्ष्मी से इस बारे में और जानकारी मांगी। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में भाग्यलक्ष्मी ने कहा, 'उस वक्त वह बहुत डरी हुई थी। इतनी ज्यादा कि अपने पति तक को इस बारे में कुछ नहीं बता पाई। मैंने दो हफ्ते तक उसकी काउंसलिंग की। फिर जब मैंने उससे पूछा कि क्या मैं उसके बारे में फेसबुक पर लिख सकती हूं तो उसे हां कहा। उसने कहा कि अब उसे डर नहीं लगता।' भाग्यलक्ष्मी ने बताया कि रेप के बारे में और जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।

पीड़ित महिला के दो बच्चें है। मुख्यमंत्री पी विजयन की स्पेशल सेक्रटरी प्रभा वर्मा ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हमने भाग्यलक्ष्मी से संपर्क किया है। यह बहुत गंभीर मामला है और सरकार इसे पूरी गंभीरता से ले रही है।'

वहीं भाग्यलक्ष्मी ने कहा कि किसी भी महिला को अपने साथ हुई घटना के बारे में चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आपको हिम्मत दिखानी ही होगी और नाम बताने होंगे, आपको न्याय मिले या नहीं, यह एक अलग बात है। अपराध करने वालों को यूं जाने नहीं दिया सकता।