तीन साल से बिना स्तन ढके रह रही है यह महिला

नई दिल्ली(15 मई): ब्रेस्ट महिलाओं के शरीर का कुदरती हिस्सा है। लेकिन कई इसके कारण अच्छा-खासा विवाद खड़ा हो जाता है। इसका ताजातरीन उदाहरण है #Freethenipple अभियान।

समाज जिस तरह से महिला के इस अंग को लेकर सोचता है, उसमें  ब्रेस्ट को सेक्स के साथ जोड़कर इसकी एक खास छवि और जरूरत बना दी गई है। एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक यह मुद्दा उस समय अंतरराष्ट्रीय निशाने पर आया जब अपने बच्चे को दूध पिलाने की सामान्य तस्वीरें इंस्टाग्राम पर डालने वाली कई महिलाओं की ऐसी तस्वीरें यो तो हटा दी गईं या फिर उनके अकाउंट को ही सस्पेंड कर दिया गया। यह नियम पुरुषों पर लागू नहीं है। वे बिना कमीज या बिना बनियान के, खुले सीने की अपनी तस्वीरें खुलेआम बेपरवाह होकर लगा सकते हैं। यह असमानता हर जगह है।

अमेरिका के कई प्रांतों और दुनिया में अधिकांस जगहों पर महिलाओं का सार्वजनिक तौर पर खुले ब्रेस्ट में दिखना अपराध माना जाता है। 'गो टॉपलेस' के मुताबिक उताह में तो ब्रेस्ट दिखाना अवैध कार्य है।  2014 में विलीस नाम की एक महिला इंस्टाग्राम की सेंसरशिप पॉलिसी के विरोध में टॉपलेस होकर पूरे न्यू यॉर्क शहर में घूमी थीं। कई और महिलाएं भी खुले ब्रेस्ट के साथ सार्वजनिक स्थान पर जाने को लेकर लड़ रही हैं।

27 साल की चेल्सिया कोविंगटन पिछले 3 साल से सार्वजनिक तौर पर बिना ब्रेस्ट ढके लोगों के सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि पुरुष बिना सीना ढके बेबाक सार्वजनिक तौर पर घूमते हैं। इसी तरह महिलाओं को भी अपनी मर्जी से बिना ढके चलने-घूमने की आजादी होनी चाहिए।

वॉशिंगटन, न्यू यॉर्क में, ऐसी जगहें जहां महिलाओं के बिना ब्रेस्ट ढके पब्लिक जगहों पर जाने में कोई पाबंदी नहीं है, कोविंटन पिछले 3 साल से बिना ब्रेस्ट ढके ही जाती हैं। वह अपने अनुभवों को अपने ब्लॉग पेज पर साझा भी करती हैं। महिला अधिकारों और लैंगिग समानता के लिए यह उनकी कोशिश का हिस्सा है।