मध्य प्रदेश: बस में हुई महिला की मौत, जंगल के बीच में बस से उतारा

नई दिल्ली (27 अगस्त): मध्य प्रदेश में मानवता को शर्मसार करने वाली खबर आई है। एक बस में मरीज की मौत हो जाती हैं और बीच रास्ते में लाश के साथ पूरे परिवार को उतार दिया गया। घंटो तक लाश के साथ पति और सास सड़क के किनारे बैठे रहे। पति की गोद में पांच दिन की बच्ची थी, जिसकी मां की मौत हो चुकी थी। 

वाकई घटना ऐसी ही हैं कि किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाए। मामला ऐसा है कि मानवता शर्मिंदा हो जाए, खबर मध्यप्रदेश के दमोह से है, जहां चलती बस में एक औरत की मौत होती हैं और इसके साथ ही इंसानियत भी दम तोड़ देती है।

सड़क किनारे जमीन पर पड़ी लाश, लाश के पास खड़ा उसका पति, पति की गोद में पांच का मासूम बच्चा और पास में खड़ी एक बूढ़ी औरत। आप सोच रहे होंगे कि बीच राह में लाश को सड़क किनार क्यों रखा गया है।

राम सिंह नाम का शख्स अपनी पत्नी को इलाज के लिए बस में दमोह ले जा रहा था। रास्ते में रामसिंह की पत्नी की तबियत खराब हो गई और उसकी चलती बस में ही मौत हो गई। इसके बाद बस के ड्राइवर, कंडक्टर और मुसाफिर लाश सहित पूरे परिवार को बीच रास्ते में ही उतार दिए। रामसिंह की गोद में उसका पांच दिन बच्चा भी था, लेकिन किसी को भी दया नहीं आई। 

जिस जगह लाश को उतारा गया वो जंगली इलाका था और एक बेबस पति और पिता अपनी पत्नी की लाश के पास बैठकर पांच दिन की मासूम को चम्मच से दूध पिलाता रहा। बूढ़ी मां अपनी बहू की लाश के सिरहाने बैठकर रोती रही। 

बहरहाल चश्मदीदों ने इसके बाद पुलिस को पूरे मामले की इत्तला दी। पुलिस मौके पर भी पहुंची, लेकिन पीड़ित की परिवार की कोई मदद पुलिस ने भी नहीं की। इसके बाद चश्मदीदों ने प्राइवेट एंबुलेंस कर पीड़ित परिवार को उनके गांव भिजवाने का इंतजाम करवाया।

सवाल ये है कि किस मुंह से हम नैतिकता की दुहाई देते हैं, आधुनिकता के दौर में संवेदनाएं मरती जा रही हैं औऱ दमोह की ये घटना बता रही हैं कि हम बस कहने को ही इंसान है।

देखिए वीडियो

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