'बेटी का नाम साइनाइड नहीं रख सकते पेरेंट्स'

नई दिल्ली (15 अप्रैल): ब्रिटेन के एक कोर्ट ने कहा है कि एक मां अपनी बेटी का नाम 'साइनाइड' नहीं रख सकतीं। कोर्ट ने कहा कि नाम को लेकर इस असाधारण चुनाव से बच्ची को नुकसान हो सकता है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की के जुड़वा भाई का नाम प्रीचर रखने वाली महिला ने कहा कि उसे अपने बच्चों का नाम अपने चुनाव से रखने का अधिकार है। लेकिन वेल्स के पोएस की रहने वाली इस महिला की मांग को शीर्ष जजों ने खारिज कर दिया। अपने तरह के पहले मामले में अपील कोर्ट के जज ने कहा कि यह बेहद अलग तरह का मामला है। मां के अपने बच्चों के नामों को लेकर असाधारण चुनाव से उसके अपने बच्चों को ही नुकसान हो सकता है। 

लेडी जस्टिस किंग ने कहा, महिला का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा है। वह मानसिक रूप से बीमार रही है, इसके अलावा ड्रग, एल्कोहल सेवन और इसी तरह के पुरुषों के साथ में संबंध में रह चुकी है। 

जब पोएस काउंटी काउंसिल के समाजसेवियों को पता चला कि मां ने अपने जुड़वा बच्चों के लिए ये नाम चुने हैं। तो वे इस मामले को कोर्ट में ले गए। पिछले साल जून में जज ने मां के खिलाफ एक आदेश दिया। जिसमें उसे औपचारिक तौर पर बच्चों के ये नाम दर्ज कराने से रोक दिया गया।

उसके वकीलों ने अपील की, कि उसे अपने बच्चों के नाम ना रखने देने से उसके परिवारिक जीवन के सम्मान के हक का उल्लंघन किया जा रहा है। जजों ने कहा कि छोटी बच्ची का नाम एक जानलेवा ज़हर के नाम पर रखना बिल्कुल अस्वीकार्य है। जजों ने कहा, "टेस्ट, फैशन और विकसित होते व्यक्तिगत धारणाओं में बदलाव को भी मंजूरी देने के बाद भी 'साइनाइड' एक बच्ची के नाम के लिए बेहद अजीब है।"

जज ने कहा कि कोर्ट पेरेंट को अपने बच्चे का नाम रखने के ऐसे बेहद असामान्य मामलों में ही हस्तक्षेप कर रोकेगा। उन्होंने कहा, "यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है, जिसमें कोर्ट ने बच्ची को भावनात्मक नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए हस्तक्षेप किया है। हमारा मानना है कि ऐसा जरूर होता अगर उसे साइनाइड बुलाया जाता।"