इस मजबूरी में मां ने अपने 6 साल के बेटे को मार डाला

सयैद अजाज, मुंबई (30 जून): मायानगरी मुंबई से एक सन्न कर देने वाली खबर आई है। एक मां इतनी मजबूर हो गई कि उनसे अपने ही इकलौते 6 साल के बेटे का अपने ही आंचल के पल्लू से गला घोंट दिया। बताया जा रहा है कि 25 साल की इस महिला ने मुफलिसी और बदकिस्मती से तंग आकर अपने ही जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार दिया।

जानकारी के अनुसार, बच्चा बीमार था और उसे मिर्गी के दौरे पड़ते थे। बच्चे के इलाज में हर महीने 2 हजार रुपये लग जाते थे। जब तक हो सका, उसने बच्चे का इलाज कराया लेकिन ये मजबूर मां बच्चे के इलाज के लिए दो हजार रुपयों का इंतजाम नहीं कर पाई और ना ही मिर्गी के दौरे में तड़पते अपने जिगर के टुकड़े को देख पाई। उसे कोई रास्ता नहीं दिखा तो मिर्गी के दौरे से तड़पते अपने बच्चे का गला घोंट दिया।

पिछले दस साल से ये महिला मुंबई के वाशी नाका इलाके में रह रही थी। लेकिन कुछ साल पहले घर में इकलौते कमाने वाले इसके पति को दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। 25 साल की उम्र में ये महिला विधवा हो गई। उसके तीन बच्चे अनाथ हो गए। अब न किराया चुकाने के पैसे थे और ना ही बच्चों की परवरिश के लिए। तीन में से दो बच्चे भी बीमार हुए और ठीक इलाज नहीं मिल पाने से उनकी मौत हो गई। अब इस महिला के साथ सिर्फ 6 साल का इसका बेटा बचा था, लेकिन उसे भी मिर्गी के दौरे पड़ने लगे।

बारिश के मौसम में उसकी तबियत और खराब हो गई, इलाज का खर्चा और बढ़ गया। सावित्री तिपन्ना ने एक छोटी नौकरी कर ली, लेकिन 4 हजार रुपये में मुंबई में न घर का खर्च चल पाया और न बेटे को इलाज मिला। इस बेबस मां ने बचत के लिए किराये का घर छोड़ दिया और अपनी एक दोस्त के पास चली गई। बच्चे को मिर्गी का दौरा फिर पड़ा तो इस महिला का सब्र जवाब दे गया। उसने अपने ही दुपट्टे से अपने बेटे का गला घोंट दिया और चुपचाप उसके बगल में लेट गई। उसकी दोस्त को शक हुआ तो पुलिस को इत्तेला दी गई। पुलिस के सामने महिला ने अपने बच्चे की जान लेने की बात कबूल कर ली।