बोले सीएम योगी, आरएसएस न होता तो हम वंदेमातरम को नहीं जान पाते

नई दिल्ली ( 11 अक्टूबर ): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि आरएसएस न होता तो हम अपने राष्ट्रगीत वंदेमातरम को नहीं जान पाते। सीएम योगी ने कहा कि कई सरकारों ने इस पर कुठाराघात किए, लेकिन संघ ने ही राष्ट्रधर्म को आगे बढ़ाने की दृष्टि दी। 

साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में प्रभात प्रकाशन की ओर से आरएसएस के पांच पूर्व सरसंघचालकों के जीवन पर लिखी गई पुस्तकों के विमोचन कै मौके पर यूपी के सीएम ने कहा कि ये किताबें आरएसएस के बारे में फैलाई गई भ्रांतियों का निवारण करेंगी। 

यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में संघ जैसा कोई स्वयंसेवी संगठन नहीं है, जो बिना सरकारी मदद के अपने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रहा है। 1925 से संघ स्वत: स्फूर्त भाव से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ाने का कार्य कर रहा है। संघ ने हमें दृष्टि दी है कि हम व्यक्तिवादी, परिवारवादी, जातिवादी न बनें, हम किसी मत-मजहब के हो सकते हैं, पर धर्म एक है, वह है राष्ट्रधर्म।

संघ के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के संघचालक भगवती प्रकाश शर्मा, लेखक-पत्रकार बलदेव शर्मा, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री, बीजेपी एवं संघ के पदाधिकारी इस समारोह में मौजूद थे। ये किताबें संघ के पांच पूर्व सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार, माधव राव सदाशिव राव गोलवरकर, बाला साहब देवरस, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भइया और केसी सुदर्शन के जीवन पर अलग-अलग लिखी गई हैं।