बैंकों में 80% नई करंसी आने के बाद ही पैसे निकालने की लिमिट में दी जाएगी ढील: सरकार

नई दिल्ली ( 15 दिसंबर ): नई मुद्रा का 80 प्रतिशत हिस्‍सा एक बार बैंक जमा में होने के बाद सरकार अकाउंट से पैसे निकालने की प्रतिबंधित सीमा में ढील देना शुरू करेगी। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को यह बात कही। अधिकारी ने कहा कि बैंकों के बाहर अब लंबी-लंबी लाइनें खत्‍म हो चुकी हैं। यह केवल चुनावों वाले राज्‍यों उत्‍तर प्रदेश और पंजाब में ही दिखाई पड़ रही हैं।

नोटबंदी खत्म होने के बाद सबसे पहले राहत को-ऑपरेटिव बैंकों को दी जाएगी। इस वक्त बैंकों में 50% नई करंसी पहुंच चुकी है। नए नोटों की प्रिंटिंग में तेजी आने के बाद डिमांड और सप्लाई का अंतर खत्म हो रहा है।

अधिकारी ने कहा कि पंजाब और उत्तर प्रदेश (इन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं) को छोड़ दें तो बाकी राज्यों में बैंक और एटीएम्स के आगे लगने वाली लाइनें कम हो रही हैं। इस अधिकारी के मुताबिक, सबसे पहले हम को-ऑपरेटिव बैंकों को राहत देंगे। इसके बाद कमर्शियल बैंकों का नंबर आएगा।

बता दें कि नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का एलान किया था। 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए गए थे। बैंकों से पैसे निकालने की भी लिमिट तय की गई। बैंकों से एक हफ्ते में 24 हजार रुपए और एटीएम्स से एक दिन में 2500 रुपए निकाले जा सकते हैं।

अधिकारी ने कहा, हम एक बार में पूरे नोट नहीं प्रिंट नहीं करेंगे। सबसे पहले नए नोटों को चलन में आने दीजिए। अभी 50 फीसदी नए नोट चैनेलाइज हो चुके हैं। अधिकारी के मुताबिक अभी 7.5 लाख करोड़ रुपए मूल्य की 50 फीसदी नई करंसी छपकर बैंकों में आ चुकी है, जब ये आंकड़ा 80 फीसदी हो जाएगा। तो हम प्रतिबंधों में रियायत देंगे। नोटबंदी के एलान के पहले ही सरकार ने 4 लाख करोड़ के नए नोटों की प्रिंटिंग की तैयारी कर ली थी। ये पहला सेट था जो सर्कुलेशन में लाया गया।

अधिकारी ने बताया कि आरबीआई की चारों प्रिंटिंग प्रेस देवास, नासिक, सालबोनी और मैसूर में नए नोटों की प्रिंटिंग जारी है और प्रेस ओवरटाइम काम कर रही हैं।