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तो एसे धरे जाएंगे नकली दवा बेचने वाले

देश में आए दिन ऐसी खबरें आती रहती हैं कि फलाने मेडिकल स्टोर या फिर हाॅस्पिटल में नकली दबाएं बेची जा रहीं है। और इस सब के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पढ़ता है।

नई दिल्ली (25 मई): देश में आए दिन ऐसी खबरें आती रहती हैं कि फलाने मेडिकल स्टोर या फिर हाॅस्पिटल में नकली दबाएं बेची जा रहीं है। और इस सब के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पढ़ता है। लेकिन अब इन सब चीजों पर नकेल कसने के लिए इंतेजाम कर दिया गया है।आपको बता दें कि मरीज इस बात का पता सिर्फ एक वॉट्सऐप मेसेज से लगा सकेंगे कि उन्होंने जो दवा खरीदी है वह असली है या नकली। आपको बता दें कि मार्केट में बेची जानेवाली हर दवा की स्ट्रिप या बॉटल पर अलग-अलग यूनीक नंबर होगा।लेबल पर इसके साथ ही एक मोबाइल नंबर भी प्रिंट किया जाएगा जो दवा की मार्केटिंग करने वाली कंपनी जारी करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 अंकों की इस संख्या को लेबल पर दिए मोबाइल नंबर पर मेसेज करने पर दवा बनानेवाले मैनुफैक्चरर का नाम और पता, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारी मिलेगी।बहराल, इस तरीके की सुविधा होने से एक बात तो साफ है, कि देश में तमाम लोगों को नकली दवा से होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी। इतना ही नहीं उन कंपनियों और मेडिकल स्टोर पर भी नकेल कसी जा सकेगी जो इस तरीके की काला बजारी में संलिप्त हैं।

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