'कश्मीर को भारतीय फौजों का कब्रगाह बना दूंगा'

नई दिल्ली(4 सितंबर): कश्मीर में बवाल मचाने वाला मोस्ट वॉन्टेड टेररिस्ट और हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाउद्दीन ने कश्मीर विवाद के किसी तरह के शांतिपूर्ण राजनीतिक समाधान में अड़ंगा डालने की शपथ ली है। उसने और कश्मीरियों को सूइसाइड बॉमर्स के रूप में ट्रेन करने की धमकी दी जो घाटी को 'भारतीय फौजों का कब्रगाह' बना देगा। उसने कहा कि वह इस लड़ाई को कश्मीर से बाहर ले जाएगा।

बातचीत को फालतू बताते हुए सैयद सलाउद्दीन ने कहा कि आतंकवाद के अलावा कश्मीर का कोई समाधान नहीं है। उसने कहा, 'कश्मीरी नेताओं, वहां के लोगों और मुजाहिदीन को जान लेना चाहिए कि (कश्मीर मुद्दे के समाधान का) कोई औपाचिरक और शांतिपूर्ण रास्ता नहीं है।' उसने कहा कि वहां 'उद्देश्यपूर्ण सशस्त्र संघर्ष छेड़ने' के सिवा कोई विकल्प नहीं है। पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद नियंत्रण रेखा से 22 Km. और इस्लामाबाद से 125 Km. दूर झेलम तथा नीलम नदियों के किनारे स्थित है।

उसने कहा कि जब तक भारत कश्मीर को एक 'विवादित' जगह नहीं मानेगा तब तक बातचीत नहीं हो सकती। उसने कहा, 'अगर आप इसे मसला मानेंगे ही नहीं तो बातचीत की जरूरत ही क्या है?' उसने धमकी दी, 'हमें अपनी ताकत का मुजाहिरा करना होगा।' उसने चेतावनी दी कि हिजबुल का 'संघर्ष' कश्मीर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह 'पूरे इलाके को अपने लपेटे में लेगा'।

कश्मीर में कई आतकंवादी हमले करवा चुके सलाउद्दीन ने आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल को सही ठहराते हुए कहा, 'अगर आंध्र प्रदेश, मद्रास, असम, नागालैंड, हरियाणा, बिहार और दिल्ली के सैनिक हमारे घरों की पवित्रता नष्ट करते हैं तो हम आत्मघाती हमले करने और इसे सही उचित मानने के लिए मजबूर होंगे।' कश्मीर में चुनावी प्रक्रिया को धोखा करार देते हुए सलाउद्दीन ने दावा किया कि पूरा इलाका अलगाववादी नेताओं के साथ है। उसने कहा, 'मेरे हथियार उठाने का प्रमुख कारण जम्मू-कश्मीर में फर्जी और धांधली वाले चुनाव करवाना है।' सलाउद्दीन को बड़गाम का मोहम्मद यूसुफ शाह भी कहा जाता है।