ब्रिक्स में आतंक पर खुलकर होगी चर्चा, पाक पर कार्रवाई के लिए चीन पर रहेगा दबाव


नई दिल्ली (17 जून): चीन ने कहा है कि ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर 'बिना लाग लपेट' के चर्चा होगी। बीजिंग ने यह भी कहा है कि सदस्य देशों की बैठक में इस मुद्दे पर मतभेद नहीं होने की संभावना है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा, "आतंकवाद-रोधी प्रयासों में देशों द्वारा किसी भी तरह के दोहरे रवैये का हम विरोध करते हैं। ब्रिक्स के विदेश मंत्री इस मुद्दे पर विचारों का 'बिना लाग लपेट' के आदान-प्रदान करेंगे। इस सम्मेलन में भारत पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए चीन पर दबाव बना सकता है।


उन्होंने कहा, 'आतंकवाद से निपटने के मामले में हमारा यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है।' प्रवक्ता ने कहा, 'पांचों देशों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद नहीं होने की संभावना है, क्योंकि आतंकवाद-रोधी प्रयास इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से एक सर्वसम्मति तथा संयुक्त बल तैनाती का आह्वान करता है।' भारत में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव राम माधव ने पिछले सप्ताह कहा था कि आतंकवाद से निपटने में अब दोहरे रवैये को खत्म करने का वक्त आ गया है और ब्रिक्स सदस्य राष्ट्रों को मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ब्रिक्स देशों  के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।  संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रयास में चीन के अवरोध के मुद्दे को नई दिल्ली द्वारा बैठक में उठाए जाने की संभावना है।  इसके अलावा, चीन ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश पर भी रोड़ा अटका दिया है। लु ने कहा, 'एनएसजी के मुद्दे पर किसी भी नए राष्ट्र के प्रवेश के लिए चीन का रुख नहीं बदलेगा।'