दाऊद से बात के बाद नए आरोपों से घिरे BJP नेता, छिन सकता है मंत्रालय

मुंबई (31 मई): महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार में राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद से कथित बातचीत के बाद अब खड़से पर घोटाले का आरोप लगा है। आरोपों से घिरे खड़से की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है क्योंकि विपक्ष के साथ-साथ अब सहयोगी पार्टी भी खड़से के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है। आज के कैबिनेट की बैठक में भी वे नदारद रहे हैं। 

दाऊद इब्राहिम से कथित बातचीत के आरोप में घिरे खड़से के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। उन्हें अपनी कुर्सी बचाने के लिए लेफ्ट-राइट करना पड़ रहा है, क्योंकि खड़से पर लगे आरोपों की फेहरिस्त को लेकर विपक्ष महाराष्ट्र सरकार पर खड़से को मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहा है। इधर सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने खड़से पर फिर एक नया खुलासा कर सभी को चौंका दिया है।

अंजलि दमानिया का आरोप है कि खड़से ने चुनाव अर्ज़ी में संपत्ती की सही जानकारी छिपाई है। मंत्री और परिवार मनी लाँन्ड्रिंग में लिप्त है। सिंचाई घोटाले में एकनाथ खड़से और उनके लोग भी शामिल हैं। जलगामंव और आसपास के जिलो में कई जमीन और संस्थाएं एकनाथ खड़से और परिवार ने लूटी और  ACB और बाक़ी व्यवस्था खड़से को फ़ेवर कर रही है।

राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से को मंत्री पद से हटाने का दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि विपक्ष ने विपक्ष ने सरकार को पूरी तरह से घेरते हुए राज्यपाल से खड़से को हटाने की मांग की है, हालांकि इतने आरोपों के बाद भी बीजेपी खड़से के समर्थन में खड़ी है।

दाऊद से कथित बातचीत, रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम खरीदने का मामला और फर्जीवाड़े का आरोप खड़से के लिए लगातार मुसीबत बढ़ा रहा है। अब सवाल उठता है कि क्या भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की बात करने वाली मोदी सरकार इतने आरोपों के बाद खामोश क्यों है।