क्या कबाली तोड़ देगी कमाई के सारे रिकॉर्ड?

नई दिल्ली(20 जुलाई): सुपरस्टार रजनीकांत की आनेवाली फिल्म कबाली रिलीज होने से पहली ही धमाल मचा रही है। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चेन्नई और बेंगलुरू की कुछ कंपनियों ने 22 जुलाई को ऑफिस में अवकाश घोषित कर दिया है। बता दें 22 जुलाई यानि इस शुक्रवार को फिल्म रिलीज हो रही है। आखिर इसको रजनी सर का जादू कहें तो गलत नहीं होगा। 

लेकिन बड़ा सवाल ये उठता है कि रजनी सर की फिल्म क्या क्माई के सारे रिकॉर्ड तोड़ पाएगी। वह भी तब जब सलमान-अनुष्का स्टारर फिल्म सुल्तान बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। बॉलिवुड में कमाई के बादशाह सलमान की फिल्म सुल्तान ग्रॉस कलेक्शन के मामले में चौथी हाईएस्ट ग्रॉसर बन गई है। सुल्तान इंडियन बॉक्स ऑफिस पर अब तक कुल 263.2 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर चुकी है। साउथ में भगवान का दर्जा रखने वाले रजनीकांत की फिल्म तमिल और तेलुगु में है, लेकिन फिल्म को हिंदी में भी रिलीज किया जाएगा।  

पहले होनी थी जून में रिलीज

रजनीकांत की फिल्म कबाली पहले जून में रिलीज होनी थी लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट को जुलाई में ईद तक आगे बढ़ा दिया गया। ईद के मौके पर छुट्टियों के कारण फिल्मों की रिलीज से कमाई बढ़ जाती है। लेकिन कबाली फिल्म की टीम ने सलमान की सुल्तान से टक्कर से बचने के लिए इसकी रिलीज को बढ़ा दिया। सुल्तान और कबाली को इस साल की सबसे बड़ी रिलीज माना जा रहा है।

दोनों ही फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच जबर्दस्त क्रेज है। सलमान और रजनीकांत दोनों ही फिल्म इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा स्टार वैल्यू वाले कलाकार हैं। ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर इनकी भिड़ंत काफी रोचक होगी। अगर पिछले साल के ट्रेंड को देखें तो पिछले साल जुलाई में ही बाहुबली और सलमान की फिल्म बजरंगी भाईजान महज एक हफ्ते के अंतराल पर रिलीज हुई थी। बाहुबली 10 जुलाई को तो बजरंगी भाईजान 17 जुलाई को रिलीज हुई थी। रिलीज में महज एक हफ्ते का अंतर होने के बावजूद दोनों ही फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई थी।

यानी लगभग एकसाथ रिलीज होने के बावजूद इन फिल्मों की कामयाबी पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा। ये दोनों फिल्में एक साथ रिलीज होकर भी सफल इसलिए रहीं क्योंकि दोनों की कहानी दमदार थी। कहने का मतलब ये है कि दो बड़ी फिल्मों के एक साथ रिलीज होने पर उनकी कमाई पर असर तो पड़ता ही है। हां, अगर फिल्म की कहानी में दम हो तो ये असर मामूली हो जाता है।