सऊदी अरब में वाई-फाई पर फतवा, बिना इजाज़त इस्तेमाल करना इस्लाम में चोरी

नई दिल्ली (3 जून) :  आप सऊदी अरब में हैं और वाई-फाई का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो सावधान। सऊदी अरब में वाई-फाई को लेकर फतवा जारी किया गया है। फतवे के मुताबिक अगर आप किसी दूसरे व्यक्ति का वाई-फाई बिना उसकी इजाज़त के इस्तेमाल करते हैं तो वो इस्लाम के अनुसार चोरी है। हाकमी काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स के सदस्य अली अल हाकमी ने यह फतवा जारी किया है। हाकमी काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स सऊदी किंग को धार्मिक मामलों में सलाह देती है।

हाकमी ने कहा, ‘ वाई फाई सर्विस का फायदा अवैध तौर पर लेना या अन्य लाभार्थियों या प्रोवाइडर से बिना पूछे इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं है। लाभार्थी या प्रोवाइडर की पहले अनुमति लेकर ही वाई-फाई का इस्तेमाल किया जा सकता है। वैसे, पार्कों, होटलों, कैफेटेरिया, मॉल या सरकारी विभागों में, जहां वाई-फाई सेवा सबके लिए उपलब्ध है, वहां बिना इजाजत इस्तेमाल करने में कोई परेशानी है। क्योंकि यहां ये ग्राहकों या कर्मचारियों के लिए ही सेवा ली गई होती है।

सऊदी अरब में इस्लामी धार्मिक हस्तियों द्वारा जारी फतवा कानूनी घोषणा माना जाता है। वर्ष 2010 में सऊदी अरब में किंग अब्दुल्ला ने घोषणा की थी कि फतवा केवल काउंसिल के सदस्य और कुछ खास धर्मगुरु ही जारी कर सकते हैं। 

बता दें कि हाल के वर्षों में कई अजीबो गरीब फतवे जारी किए गए हैं। इनमें मंगल यात्रा,  महिलाओं के फुटबॉल का मैच देखने, महिलाओं के कुर्सियों पर बैठने, टैक्स्ट संदेश में किसी प्रकार के चेहरे वाले चित्र भेजने आदि के खिलाफ फतवे शामिल हैं।