पानी के लिए अपमानित हुई पत्नी तो पति ने खोद डाला कुआं

मुंबई (8 मई): जहां चाह वहां राह, यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। इस कहावत को सच कर दिखाया है महाराष्ट्र के रहने वाले बापूराव ताजने ने। दरअसल, उनकी पत्नी पानी की कमी के कारण ताजने की पत्नी घर से दो किलोमीटर की दूरी पर कुएं से पानी लेने गई थी। लेकिन कुएं की मालकिन ने उसे अपमानित किया और पानी लेने से मना कर दिया।

बिना पानी के घर पहुंची पत्नी ने पूरी कहानी अपने पति बापूराव ताजने को बताई। ताजने इस बात पर गुस्सा नहीं हुआ बल्कि अपनी मेहनत से जवाब देने की सोंची। आखिरकार उसने अकेले ही अपने घर के पीछे कुआं खोद डाला। इस काम में कुदरत ने भी उसका साथ दिया और 13 फुट की खुदाई के बाद ही कुएं में पानी आ गया। इसके बाद ताजने एक हीरो की तरह बन कर उभरा।

महाराष्ट्र के वाशिम जीले के कळंबेश्वर गांव में उसने अपनी ही जमीन पर कुआं खोदना शुरू कर दिया। इस बीच लोगों ने उसका मजाक भी बनाया। कुछ ने उसे पागल की संज्ञा दे डाली। लेकिन, ताजने को अपने अपमान का बदला लेना था। वो कुआं खोदने में लगा रहा और फिर उसकी मेहनत एक दिन रंग लाई। उसके खोदे कुएं में पानी भी आ गया।

रोचक बात यह है कि जिस गांव के लोग उसका मजाक उड़ाया करते थे उसने उन्हीं लोगों के लिए कुएं को पूरे गांव के लिए खोल दिया है। उसका मानना है कि वो लोगों को अपनी तरह अपमानित होते नहीं देखना चाहता।