ये है विधवाओं का गांव, पति की मौत के बाद ऐसे जिंदगी गुजारती हैं महिलाएं

लखनऊ(12 फरवरी): यूपी के झांसी में एक ऐसा गांव है, जो विधवाओं का गांव कहलाता है। इस गांव में हर साल विधवाओं की तादाद बढ़ती जा रही है। झांसी का प्रीतमपुरा गांव बीते कुछ सालों से अपनी इसी नई पहचान के साथ जीने को मजबूर है। आलम ये है कि गांव में विधवाओं की तादाद हर साल बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों की बात करें तो मौजूदा वक्त में गांव में करीब 30 विधवा महिलाएं है, जो पति के बिना अपने बच्चों के साथ बड़ी मुश्किल से अपनी जिंदगी जी रही हैं।

आप सोच रहे होंगे कि आखिर वो क्या बात है जिसकी वजह से इस गांव में महिलाओं को विधवा होने का श्राप झेलना पड़ रहा है। प्रीतमपुरा गांव के विधवा गांव होने की पीछे असली वजह अवैध शराब है। गांव के मर्द अवैध शराब की लत में अपनी जिंदगियां गंवाते जा रहे हैं। किसी ने शराब के नशे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, कोई शराब के नशे में ही बिना किसी बीमारी के चल बसा, प्रीतमपुरा गांव में शराब के कहर से बर्बाद हुए परिवारों की कई कहानियां मौजूद हैं।

परवई नाम का एक गांव की एक बड़ी आबादी तो सिर्फ अवैध शराब के गोरखधंधे में ही लगी हई है औऱ ये सब पुलिस और आबकारी विभाग की नाक के नीचे होता है। अब प्रीतमपुरा गांव की विधवा महिलाएं इलाके में शराब के कारोबार पर पाबंदी लगाने की मांग कर रही हैं। इसके साथ ही विधवा महिलाओं के लिए रोजगार की मांग भी कर रही हैं।