शिवलिंग पर क्यों चढ़ाया जाता है दूध, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जुलाई): सावन के महीने की शुरुआत हो चुकी है और आज सावन का पहला सोमवार है। इस मौके पर भोले भंडारी के भक्त अपने-अपने तरीके से अपने अराध्य की अराधना में जुटे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि सावन के मौके पर भगवान शिव की पूजा की जाती है। शास्त्रों की मानें तो भगवान शिवजी को खुश करने के लिए उनके भक्त कई तरह के तरीके अपनाते हैं। उनमें से एक है सावन के महीने में शिवलिंग पर दूध चढ़ाना। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं।

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आज हम आपको बताएंगे सावन के अवसर पर शिवलिंग पर दूध क्यों चढ़ाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि विष्णुपुराण के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान विष की उत्पत्ति हुई। ये विष दुनिया के लिए बेहद ही विनाशक साबित हो सकता है। दुनिया को बचाने के लिए भगवान शिवजी ने इसे पी लिया, जिससे उनका शरीर जलने लगा। उनके शरीर को जलता देख कई देवताओं ने उन पर पानी डालना शुरू कर दिया।

Sawanलेकिन कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा। तभी सभी देवताओं ने उनसे दूध ग्रहण करने का निवेदन किया। दूध पीने से विष का असर कम हो गया। और उनका शरीर जलने से बच गया। उस दिन से लेकर ही शिवजी पर दूध चड़ाने की परंपरा शुरु हो गई। यही कारण है कि भगवान शिवजी को खुश करने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाया जाता है। वहीं सावन के महीने में दूध न पीने की सलाह भी दी जाती है। आयुर्वेद के मुताबिक सावन के महीने में दूध या दूध से बने किसी पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।