जानिए, सावन में क्यों होती है भगवान शिव की पूजा

नई दिल्ली (20 जुलाई): हिन्दू धर्म, अनेक मान्यताओं और धार्मिक विश्वास के संकलन का एक रूप है। हिन्दू धर्म के अनुयायी आज भी पुराने समय से चली आ रहे तीज त्यौहारों और उनकी मान्यताओं पर विश्वास रखता है। यही वजह है कि अधिकांश हिंदू परिवारों में नीति-नियमों का भरपूर पालन किया जाता है।

सावन है शिव की पूजा का माह: इस माह में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विशेष महत्त्व है। इसलिए इस माह में, खासतौर पर सोमवार के दिन रुद्राभिषेक करने से शिव भगवान की कृपा प्राप्त की जा सकती है। अभिषेक कराने के बाद बेलपत्र, शमीपत्र, कुशा तथा दूब आदि से शिवजी को प्रसन्न करते हैं और अंत में भांग, धतूरा तथा श्रीफल भोलेनाथ को भोग के रूप में समर्पित किया जाता है।

सावन की पौराणिक कथा: सावन माह के बारे में एक पौराणिक कथा है कि जब सनत कुमारों ने भगवान शिव से सावन महीना प्रिय होने का कारण पूछा तो भगवान भोलेनाथ ने बताया कि जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के घर में योगशक्ति से शरीर त्याग किया था, उससे पहले देवी सती ने महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। अपने दूसरे जन्म में देवी सती ने पार्वती के नाम से हिमाचल और रानी मैना के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया। पार्वती ने युवावस्था के सावन महीने में निराहार रह कर कठोर व्रत किया और शिव को प्रसन्न कर उनसे विवाह किया, जिसके बाद ही महादेव के लिए यह विशेष हो गया।